
Janjgir-Champa | जांजगीर-चांपा यह कोई साधारण सम्मेलन नहीं था।
यह सवालों की भीड़ थी—और जवाबों की तलाश।
जांजगीर-चांपा में मनरेगा बचाओ अभियान के तहत जिला स्तरीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। शहर के होटल मूर्त में हुई इस मनरेगा बचाओ महापंचायत की अगुवाई जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पंकज शुक्ला ने की। मंच पर बैठे चेहरे सियासी थे, लेकिन मुद्दा सीधा था—मनरेगा और मजदूर।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत मौजूद रहे। उनके साथ छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस प्रभारी अमित सिंह पठानिया, प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, जिला प्रभारी निखिलकांत साहू, पामगढ़ विधायक सेशराज हरबंश, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
“युवा सिर्फ पोस्टर नहीं, भविष्य की ताकत हैं”

डॉ.चरणदास महंत
मंच से बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि आज युवा दिवस है और स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए सिर्फ नाम नहीं, रास्ता हैं।
उन्होंने कहा कि देश को सबसे ज्यादा जरूरत युवाओं की है, लेकिन सवाल यह है—क्या उन्हें वह मंच मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं?
महंत ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए युवाओं से कहा कि संगठन में रहकर काम करें, सवाल पूछें और जवाब मांगें।
“मनरेगा में बदलाव मजदूर के खिलाफ” आकाश शर्मा
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलाव गरीब, मजदूर और किसान के खिलाफ हैं।
उन्होंने साफ कहा कि युवा कांग्रेस इसे चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी।
आकाश शर्मा बोले—यह लड़ाई सिर्फ कानून की नहीं, पेट की है। और जब पेट का सवाल हो, तो आंदोलन तय होता है।
रणनीति बनी, आंदोलन का संकेत मिला
सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने, आने वाले आंदोलनों और मनरेगा बचाओ अभियान की रणनीति पर खुलकर चर्चा हुई। युवाओं की मौजूदगी ने यह संकेत दे दिया कि आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ेगा।
बीटीआई चौक पर उतरा गुस्सा, पुतला दहन और झूमाझटकी
सम्मेलन के बाद गुस्सा सड़क पर दिखा।
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पंकज शुक्ला के नेतृत्व में बीटीआई चौक पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन किया गया।
युवा कांग्रेस का आरोप है कि जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू को झूठे मामले में जेल भेजा गया।
पुतला दहन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई। हालात बिगड़ते उससे पहले पुलिस ने स्थिति संभाल ली।
यह खबर किसी एक मंच की नहीं है।
यह उस सवाल की है—
जिसका जवाब अब सड़क पर मांगा जा रहा है।


Live Cricket Info


Leave a Reply