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IAS/IPSTransferछत्तीसगढ़बड़ी ख़बर

???? छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के 6 पदाधिकारियों को 7-7 साल की सश्रम कैद, न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला, लूटपाट और उगाही के मामले में सुनाई गई सजा

अदालत ने एक सनसनीखेज मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। वर्ष 2021 में एक कीटनाशक दुकान में जबरन घुसकर मारपीट, गालीगलौज और लूटपाट करने वाले छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के छह पदाधिकारियों और सदस्यों को अदालत ने गंभीर आपराधिक धाराओं में दोषी पाते हुए सातसात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले को संगठनों की आड़ में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

जांजगीरचांपा। वर्ष 2021 में बम्हनीडीह थाना क्षेत्र में हुई जबरन वसूली और लूटपाट के सनसनीखेज मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से जुड़े छह पदाधिकारियों सदस्यों को जिला न्यायालय जांजगीर ने दोषी करार देते हुए सातसात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (FTC) जांजगीर की अदालत द्वारा सुनाया गया, जो इस मामले में निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

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◼️ मामला: कीटनाशक दवा दुकान में घुसकर की थी उगाही और लूट

मामले की घटना 27 अगस्त 2021 की है, जब बम्हनीडीह थाना क्षेत्र स्थित एक कीटनाशक दवा दुकान में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के छह सदस्य एक राय होकर घुसे और गालीगलौज, मारपीट करते हुए एक लाख रुपये की उगाही कर ली थी। पीड़ित व्यापारी द्वारा तत्काल थाना बम्हनीडीह में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की थी।

◼️ दोषी ठहराए गए आरोपी:

  1. भूपेन्द्र रात्रे (31), निवासी – बोकरामुड़ा, बलौदा
  2. लक्की उर्फ लकेश्वर वर्मा (29), निवासी – भनपुरी, रायपुर
  3. तरुण कुमार (23), निवासी – भनपुरी, रायपुर
  4. कृपाण बघेल (26), निवासी – दीनदयाल कॉलोनी, रायपुर
  5. भोल कश्यप (29), निवासी – मलदा, थाना हसौद, जिला शक्ति
  6. रामपल कश्यप (24), निवासी – ग्राम जमड़ी, थाना हसौद, जिला शक्ति
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◼️ ये धाराएं लगीं:

अदालत ने अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं
147 (
दंगा), 148 (घातक हथियार से दंगा), 452 (गैरकानूनी प्रवेश), 323 (मारपीट), 386 (जबरन वसूली), 397 (घातक हथियार से लूट) के अंतर्गत दोषी पाया।
इसके अतिरिक्त भोल कश्यप को आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25(1)(1-)() के तहत भी दोषी ठहराया गया।

◼️ सजा का विवरण:

प्रत्येक आरोपी को IPC की अलग-अलग धाराओं के तहत 1 वर्ष का सश्रम कारावास व प्रत्येक अपराध पर 200 रुपये का अर्थदंड

धारा 397 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपये अर्थदंड, जुर्माना न भरने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास

भोल कश्यप को अतिरिक्त रूप से 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 200 रुपये अर्थदंड, साथ ही अर्थदंड न चुकाने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास

◼️ प्रभावशाली पैरवी:

इस मामले में अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश गोपाल द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिनकी कानूनी रणनीति और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार दिया।

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