कोरबा-दीपका। दीपका के गौरव पथ मार्ग पर बीते शुक्रवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टला। ओवरब्रिज निर्माण के दौरान भारी वाहनों के लिए रूट तय होने के बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताजा मामले में ACB कंपनी के एक हाईवा चालक ने न सिर्फ प्रतिबंधित मार्ग पर वाहन घुसाया, बल्कि टोकने पर एक सजग नागरिक से बदतमीजी भी की।
🚨 क्या है पूरा मामला?
समय व स्थान: शुक्रवार सुबह 6:30 बजे, गौरव पथ मार्ग (दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास)।
वाहन: ACB कंपनी का आईचर हाईवा (क्रमांक: CG 12 BF 3647)।
घटनाक्रम:
ओवरब्रिज निर्माण के चलते प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए रेलवे क्रॉसिंग के पास से एक वैकल्पिक कच्चा रास्ता तय किया है। इसके बावजूद उक्त हाईवा के चालक ने लापरवाही बरतते हुए गाड़ी को प्रतिबंधित पक्की सड़क (गौरव पथ) पर घुसा दिया।
जब वहां मौजूद एक सजग नागरिक ने जिम्मेदारी दिखाते हुए चालक को सही रास्ते पर जाने को कहा, तो चालक ने गलती मानने के बजाय विवाद शुरू कर दिया। उसने नागरिक के साथ ‘तू-तू मैं-मैं’ और बदसलूकी की, जिसके बाद मौके पर मौजूद अन्य राहगीरों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
🛑 पहले भी टूट चुका है बैरियर, मंडरा रहा हादसों का खतरा
यह इस क्षेत्र की पहली घटना नहीं है। कोयला परिवहन में लगे कई वाहन चालक लगातार नियमों को ताक पर रख रहे हैं:
क्षतिग्रस्त सुरक्षा बैरियर: इससे पहले भी दीपका रेलवे क्रॉसिंग फाटक के पास प्रशासन द्वारा लगाए गए लोहे के सुरक्षा बैरियर को भारी टेलर और हाईवा चालकों ने अंधाधुंध ड्राइविंग के कारण कई बार तोड़ा है।
आंदोलन की चेतावनी: गौरव पथ पर होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर पूर्व में कई सामाजिक संगठन उग्र आंदोलन कर चुके हैं। यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
📋 कंपनियों और वाहन मालिकों से स्थानीय जनता की 3 मुख्य मांगें:
प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय जनता ने ACB कंपनी सहित अन्य सभी ट्रांसपोर्टर्स और ट्रक मालिकों से सख्त कदम उठाने की मांग की है:
विशेष प्रशिक्षण: ड्राइवरों को समय-समय पर सतर्कता, सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का कड़ा प्रशिक्षण दिया जाए।
अनुशासनात्मक कार्रवाई: जनता से दुर्व्यवहार करने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले लापरवाह चालकों पर तुरंत सख्त एक्शन लिया जाए।
स्वयं लें जिम्मेदारी: भविष्य में किसी भी राहगीर की जान-माल की हानि न हो, इसके लिए ट्रांसपोर्ट कंपनियां खुद आगे आकर जवाबदेही तय करें।
बड़ा सवाल: प्रशासन और प्रबंधन को यह समझना होगा कि जब तक भारी वाहनों के चालक यातायात नियमों के प्रति सजग नहीं होंगे, तब तक इन सड़कों पर हादसों पर लगाम लगाना मुमकिन नहीं है।

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