
शिकायत बेअसर, प्रशासन की चुप्पी ने बढ़ाया अवैध रेत कारोबार

बिलासपुर / बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम पहन्दा माझाभाटा में अवैध रेत परिवहन के चलते बड़ा हादसा सामने आया है। ग्राम मानिकपुर निवासी रघुवीर टेकाम, पिता–बलराम टेकाम, उम्र 40 वर्ष अपनी गाड़ी (क्रमांक CG 10 CD 5961) से बेलगहना की ओर से आ रहे थे। उसी दौरान अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में रघुवीर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

अवैध रेत परिवहन बना जानलेवा – स्थानीय लोगों के अनुसार, पहन्दा माझाभाटा सहित आसपास के कई गांवों में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल चल रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से रोजाना भारी मात्रा में रेत ढोई जा रही है। ये वाहन अक्सर तेज रफ्तार से चलते हैं और यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। नतीजतन ग्रामीण सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं होने लगी हैं। ताज़ा हादसे ने इस अवैध कारोबार के खतरनाक रूप को उजागर कर दिया है।

शिकायतें दबे पड़ीं, कार्रवाई नदारद – ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस अवैध रेत परिवहन की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की खामोशी और कार्रवाई के अभाव ने रेत माफियाओं के हौसले और बुलंद कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर भी ट्रैक्टरों का संचालन बंद नहीं होता, बल्कि खुलेआम मुख्य सड़कों से होकर रेत का परिवहन किया जाता है।

भय और आक्रोश का माहौल – गांव वालों का कहना है कि आए दिन ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार से बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की जान खतरे में रहती है। इस दुर्घटना ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अवैध रेत परिवहन पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उनका कहना है कि हादसे की असली वजह प्रशासनिक लापरवाही और रेत माफियाओं से मिलीभगत है।

घायल युवक की हालत गंभीर – रघुवीर टेकाम को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है। परिवार के सदस्य अत्यधिक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाई होती, तो इस तरह की नौबत ही नहीं आती।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल– इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि या तो प्रशासन की पकड़ कमजोर है या फिर मिलीभगत के चलते मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब तक कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और निर्दोष लोग इसकी चपेट में आते रहेंगे।
ग्रामीणों की मांग – ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाई जाए, दोषी ट्रैक्टर चालक और माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की जाए और घायल युवक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

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