अब कागजों में नहीं, डिजिटल मैप पर दिखेगी RDA की हर संपत्ति! विष्णु भैया और ओपी चौधरी ने तैयार किया हाईटेक प्रॉपर्टी मैनेजमेंट का रोडमैप

रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) अब अपनी संपत्तियों और जमीनों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाली संपत्तियों, भूखंडों, आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं और सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का ड्रोन सर्वे, GIS मैपिंग और जियो-टैगिंग की जाएगी। इसके साथ ही पुराने कागजी रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किया जाएगा।
Ro No. 13952/35
इस पूरी प्रक्रिया के बाद RDA की प्रत्येक संपत्ति और भूखंड को यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी UPIN दिया जाएगा। इससे संबंधित संपत्ति की जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड और GIS मैप से लिंक होगी। प्राधिकरण के मुताबिक इससे भविष्य में संपत्ति प्रबंधन के साथ नागरिक सेवाओं को भी अधिक व्यवस्थित और ऑनलाइन बनाने में मदद मिलेगी।
कागजी फाइलों से डिजिटल रिकॉर्ड तक पहुंचेगा RDA
RDA की इस परियोजना में दशकों पुराने संपत्ति रजिस्टर, लेजर बुक, लेआउट नक्शे, पट्टा और लीज से जुड़े दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल रूप दिया जाएगा। पुराने रिकॉर्ड को केवल डिजिटल करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनका मौके पर मौजूद वास्तविक स्थिति से भी मिलान किया जाएगा।
इसके लिए अत्याधुनिक ड्रोन से हाई-रिजॉल्यूशन सर्वे और मैपिंग की जाएगी। वहीं प्रशिक्षित सर्वे टीमों द्वारा मौके पर जाकर संपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।
डोर-टू-डोर सर्वे में जियो-टैग्ड फोटो भी होंगे दर्ज
परियोजना के तहत सर्वे टीम डोर-टू-डोर जाकर संपत्तियों से जुड़ी जरूरी जानकारी जुटाएगी। मोबाइल एप के माध्यम से जियो-टैग्ड फोटो और अन्य आवश्यक डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद मौके से मिले डेटा का पुराने दस्तावेजों और ड्रोन सर्वे से प्राप्त जानकारी के साथ मिलान किया जाएगा।
इस प्रक्रिया से RDA के पास संपत्तियों की सीमा, क्षेत्रफल, उपयोग और वास्तविक स्थिति से संबंधित जानकारी एक ही डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध हो सकेगी।
UPIN से एक क्लिक पर मिलेगी संपत्ति की डिजिटल जानकारी
प्रत्येक संपत्ति को मिलने वाला UPIN उसके डिजिटल रिकॉर्ड और GIS मैप से जुड़ा रहेगा। इससे संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड को एकीकृत तरीके से सुरक्षित रखने और भविष्य में संबंधित सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का आधार तैयार होगा।
प्राधिकरण के अनुसार मौके की स्थिति और पुराने रिकॉर्ड के तुलनात्मक अध्ययन से अनधिकृत कब्जे तथा भूमि संबंधी विसंगतियों की पहचान करने में भी सहायता मिल सकती है।
नामांतरण से NOC तक ऑनलाइन सेवाओं की राह होगी आसान
डिजिटल एसेट डेटाबेस तैयार होने के बाद इसका लाभ केवल RDA के आंतरिक संपत्ति प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में नामांतरण, लीज नवीनीकरण, भवन अनुज्ञा और NOC जैसी नागरिक सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और ऑनलाइन बनाने में इस डिजिटल सिस्टम का उपयोग किया जा सकेगा।
संपत्ति की सीमा, माप और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से रिकॉर्ड सत्यापन और संपत्ति संबंधी मामलों के निराकरण की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट का भी बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
RDA की योजना केवल भूखंडों और भवनों तक सीमित नहीं है। सड़क, नाली, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी सार्वजनिक अधोसंरचनाओं की जानकारी भी GIS आधारित डिजिटल सिस्टम में दर्ज की जाएगी। इससे इन परिसंपत्तियों की मॉनिटरिंग, रखरखाव और भविष्य की विकास योजनाओं में डेटा का उपयोग किया जा सकेगा।
छह चरणों में पूरा होगा पूरा प्रोजेक्ट
RDA की महत्वाकांक्षी परियोजना को छह चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पुराने अभिलेखों और नक्शों का डिजिटलीकरण होगा। दूसरे चरण में ड्रोन से हाई-रिजॉल्यूशन मैपिंग की जाएगी। तीसरे चरण में डोर-टू-डोर भौतिक सत्यापन होगा।
चौथे चरण में मोबाइल एप के माध्यम से जियो-टैग्ड फोटो और संपत्ति संबंधी डेटा जुटाया जाएगा। पांचवें चरण में पुराने रिकॉर्ड, ड्रोन सर्वे और भौतिक सत्यापन के डेटा को GIS प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा। अंतिम चरण में डिजिटल डेटाबेस की सुरक्षित होस्टिंग के साथ वेब आधारित एसेट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा।
डिजिटलीकरण से बढ़ेगी पारदर्शिता : ओपी चौधरी
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में काम किया जा रहा है। RDA की संपत्तियों के डिजिटलीकरण, ड्रोन सर्वे और GIS मैपिंग की पहल से प्राधिकरण के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने तथा भविष्य में नागरिकों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने का आधार तैयार होगा।
RDA अध्यक्ष नंद कुमार साहू ने इसे संपत्तियों और योजनाओं के प्रबंधन को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने की पहल बताया। वहीं RDA उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा ने कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सर्वे टीम को सहयोग करने की अपील
RDA ने नागरिकों से अपील की है कि अधिकृत सर्वे टीम के उनके परिसर में पहुंचने पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और सर्वे कार्य में सहयोग करें। प्राधिकरण के अनुसार सर्वे में लगे अधिकृत कर्मचारियों के पास RDA द्वारा जारी पहचान-पत्र होना अनिवार्य रहेगा।

Live Cricket Info