बिलासपुर रेंज में साइबर अपराध रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला, नई SOP और आधुनिक तकनीकों पर दिया गया प्रशिक्षण

बिलासपुर रेंज में साइबर अपराधों की रोकथाम और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से 24 मार्च 2026 को एक दिवसीय रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में स्थानीय चेतना हॉल में संपन्न हुई।
कार्यशाला में रजनेश सिंह (उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर) तथा विजय पाण्डेय (पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा) की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में रजनेश सिंह ने वर्तमान समय में साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए तकनीक के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं राम गोपाल गर्ग ने कहा कि तकनीक में दक्षता ही पुलिस को अपराधियों से आगे रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। विजय पाण्डेय ने भी आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप विवेचना प्रणाली को उन्नत करने पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने साइबर अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनवरी 2026 में जारी नई SOP के संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ठगी से गए पैसों को होल्ड और वापस कराने की प्रक्रिया समझाई।
इसके अलावा नेटग्रिड के उपयोग और महत्व पर मयंक मिश्रा ने विस्तार से जानकारी दी। साइबर फॉरेंसिक विषय पर दुर्ग से आए साइबर विशेषज्ञ आरिफ खान ने लाइव डेमो के माध्यम से विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड और डार्क नेट से संबंधित जानकारी साझा की।
आधुनिक टूल्स एवं एप्लिकेशन जैसे CDR एनालिसिस, C-ट्रेस और ‘सशक्त एप’ के उपयोग से चोरी या गुम वाहनों की पहचान तथा अपराधियों की लोकेशन ट्रैकिंग की जानकारी प्रसाद सिन्हा और आरक्षक नवीन एक्का द्वारा दी गई।
प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने अपनी विवेचना से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं रखीं। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने साइबर अपराध विवेचना में आने वाली चुनौतियों के समाधान बताए।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को नवीनतम साइबर तकनीकों और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों से अवगत कराना रहा, ताकि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आम जनता की राशि सुरक्षित वापस कराई जा सके। इस कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 100 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से साइबर अपराधों की जानकारी और विवेचना की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार होगा। कार्यक्रम का संचालन उमाशंकर पाण्डेय द्वारा किया गया।

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