अब ‘डॉ. तीजन बाई राज्य अलंकरण सम्मान’ से सम्मानित होंगे कलाकार, गनियारी बनेगा कलाग्राम

 

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की बड़ी घोषणा, तीजन बाई का ऐतिहासिक तंबूरा संग्रहालय में होगा संरक्षित, परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राजधानी रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अब पंडवानी कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को हर वर्ष ‘डॉ. तीजन बाई राज्य अलंकरण सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।

हर साल मिलेगा राज्य अलंकरण सम्मान

संस्कृति मंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश की लोकसंस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी इसी विरासत को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह सम्मान शुरू करने का निर्णय लिया है।

गनियारी गांव बनेगा ‘कलाग्राम’

सरकार ने डॉ. तीजन बाई के पैतृक गांव गनियारी को कलाग्राम के रूप में विकसित करने का भी फैसला लिया है। यहां पंडवानी, लोककला और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही यह स्थान प्रदेश की लोकसंस्कृति के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

संग्रहालय में सुरक्षित रहेगा ऐतिहासिक तंबूरा

डॉ. तीजन बाई की प्रस्तुतियों की पहचान रहा उनका ऐतिहासिक तंबूरा अब रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में संरक्षित किया जाएगा। इसे आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी कला और संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा से प्रेरणा ले सकें।

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परिजनों को एक लाख रुपये की सहायता

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान संस्कृति मंत्री ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कलाकारों और उनकी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

लोकसंस्कृति को मिलेगा नया संबल

कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपने अद्भुत गायन, अभिनय और पंडवानी शैली से छत्तीसगढ़ की लोककला को दुनिया भर में पहचान दिलाई। राज्य सरकार की यह पहल उनकी स्मृतियों को जीवंत रखने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी लोकसंस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।


मुख्य बातें

  • ✅ हर वर्ष दिया जाएगा ‘डॉ. तीजन बाई राज्य अलंकरण सम्मान’
  • ✅ पंडवानी कलाकारों को मिलेगा सम्मान।
  • ✅ गनियारी गांव को विकसित किया जाएगा कलाग्राम के रूप में।
  • ✅ डॉ. तीजन बाई का ऐतिहासिक तंबूरा संग्रहालय में होगा संरक्षित।
  • ✅ परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
  • ✅ लोककला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर सरकार का विशेष फोकस।

 

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