कोरबा: रेत माफियाओं पर ड्रोन से शिकंजा; सीतामढ़ी में 3 वाहन जब्त, थर्मल कैमरों से रात में भी होगी निगरानी

कोरबा। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ खनिज विभाग ने अब डिजिटल स्ट्राइक शुरू कर दी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और उप संचालक (खनि प्रशासन) के मार्गदर्शन में विभाग ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। शुक्रवार को खनिज उड़नदस्ता दल ने कोरबा शहर के सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी पर ड्रोन कैमरे से औचक निगरानी कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

ड्रोन ने पीछा कर पकड़ा रेत माफिया

अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे ने हसदेव नदी में अवैध रूप से रेत निकाल रही एक जेसीबी (JCB) को रंगे हाथों रिकॉर्ड किया। जब वाहन वहां से भागा, तो ड्रोन से उसकी लगातार ट्रैकिंग की गई और उसकी लोकेशन इमलीडुग्गू में ट्रेस हुई। खनिज दल ने तुरंत मौके पर दबिश देकर अवैध उत्खनन में शामिल उस जेसीबी और रेत ले जा रहे एक टीपर को जब्त कर लिया। दोनों वाहनों को उरगा खनिज जांच चौकी की अभिरक्षा में रखा गया है।

इसी कार्रवाई के दौरान राताखार क्षेत्र से अवैध रेत परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर को भी पकड़ा गया, जिसे रामपुर थाने को सौंप दिया गया है। इस विशेष अभियान में कुल तीन वाहनों पर शिकंजा कसा गया।

अब रात के अंधेरे में भी खैर नहीं: थर्मल इमेजिंग से होगी निगरानी

“अब भागना या छिपना नामुमकिन है”

सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि जिले में अवैध खनन रोकने के लिए अब ड्रोन तकनीक का रूटीन इस्तेमाल होगा। इसके साथ ही, रात के अंधेरे का फायदा उठाने वाले माफियाओं पर नजर रखने के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक (Thermal Imaging) का उपयोग किया जाएगा। ड्रोन में दर्ज सबूतों के आधार पर गाड़ी छिपाने वालों पर भी सख्त एक्शन होगा।

सख्त कानूनों के तहत होगी कार्रवाई

खनिज विभाग ने साफ किया है कि इस अभियान का मकसद प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की चोरी को रोकना है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन की अपील:

खनिज विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे प्राकृतिक संपदा को बचाने में प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी अवैध खनन, परिवहन या भंडारण दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी बिना किसी रियायत के ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Live Cricket Info

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
प्रखर भूमि's avatar
About प्रखर भूमि 295 Articles
प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.