फर्जी दस्तावेज बना सरकारी जमीन बेचने वाले पार्षद गिरफ्तार

भिलाई । सरकारी व एक अन्य भूमि पर कब्जा कर फर्जी दस्तावेज के जरिए अपने व अन्य 03 के नाम से रजिस्ट्री कराने वाले भिलाई निगम के पार्षद को वैशाली नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पार्षद वर्तमान में नगर निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 34 का पार्षद है।

वैशाली नगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एचआईजी प्लाट नंबर 5 ब्लॉक नंबर 2 वार्ड 10 जवाहर नगर सुपेला प्रार्थी देवनाथ गुप्ता (43) एच.आई.जी प्लाट न0 5 ब्लॉक न0 2 वार्ड 10 जवाहर नगर सुपेला भिलाई ने लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज करायी कि कार्तिक नंद शर्मा, पुरूषोत्तम उर्फ अरविन्द भाई, राजेन्द्र सोनी, हरिश राठौर के द्वारा मिलकर धोखाधड़ी कर कोहका वार्ड नंबर 14 बाबादीप सिंह नगर खसरा क्र0-5407/4 तथा 5407/3 जो 1000 वर्गफीट, 2500 वर्गफिट का फर्जी पेपर व फर्जी व्यक्ति तैयार कर धोखाधड़ी की गई।

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रिपोर्ट पर थाना वैशाली नगर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी जितेन्द्र शुक्ला, एएसपी सुखनंदन राठौर, सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अमित कुमार अंदानी द्वारा प्रकरण के विवेचना के दौरान पाया गया कि संतोष नाथ उर्फ जलन्धर ने ब्रिज बिहारी, एन.धनराजु, एवं संतोष नाथ उर्फ जलन्धर द्वारा शासकीय भूमि जो उद्योग विभाग की तथा अन्य भूमि अरविन्द की है यह सिद्ध करने के लिये फर्जी जमीन के दस्तावेज तैयार किया।

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इसके बाद पुरूषोत्तम डोंगरे को फर्जी रूप से अरविन्द भाई के रूप में रजिस्ट्री कार्यालय में खड़ा कर हरिश राठौर के नाम से उक्त भुमि का पावर ऑफ अटार्नि संबंधी कागजात तैयार किया गया। प्रकरण में आरोपी पुरूषोत्तम डोंगरे का फोटो चस्पाकर दूसरे व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग कर फर्जी ड्राईविंग लायसेंस बनाकर उपयोग किया गया। उक्त शासकीय भूमि तथा अन्य भूमि को अरविन्द भाई का बताकर संतोष नाथ उर्फ जलंधर द्वारा उक्त जमीन की रजिस्ट्री बिना रकम के लेनदेन के स्वंय के साथ एन धनराजु, पत्नि रिंकी सिंह व  ममता नाम की महिला के नाम पर रजिस्ट्री कराई।

उक्त रजिस्ट्री में चेक अथवा अन्य माध्यम से जिस रकम को विक्रेता को देना बताया गया है उक्त रकम का लेनदेन वास्तव में अब तक नही किया गया। केवल रजिस्ट्री सही साबित करने के लिये एवं फर्जीवाड़ा से स्वयं को बचाने के लिये रकम का उल्लेख रजिस्ट्री पेपर में किया गया।

इस मामले में संतोष नाथ को हिरासत में लिया गया और पूछताछ करने पर अपना अपराध स्वीकार किया। इस मामले में वैशाली नगर पुलिस ने संतोष नाथ के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी के तहत सोमवार को गिरफ्तार कर ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा गया।

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