Bilaspur News:– सूरत में छत्तीसगढ़ के नगर पालिका प्रतिनिधियों का जमावड़ा, अपशिष्ट और जल प्रबंधन की बारीकियां सीखकर लौटे के अध्यक्ष व सीएमओ

Bilaspur News:– गुजरात के सूरत में हाल ही में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) शामिल हुए। कार्यशाला का मकसद थाशहरों में बढ़ती अपशिष्ट समस्या और पानी के संकट से निपटने के लिए आधुनिक तरीके सिखाना। इस दौरान विशेषज्ञों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण की तकनीकों को जमीनी उदाहरणों के साथ समझाया।

क्या मिला प्रशिक्षण में

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कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियों और समाधान बताए गए। कैसे कचरे को घरघर से अलगअलग करके इकट्ठा किया जाए और फिर उसका वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाएइस पर विस्तृत सत्र हुआ। दूसरे दिन पानी के संरक्षण पर फोकस किया गया। वर्षा जल संग्रहण, रिसाइक्लिंग और शहरी इलाकों में पानी की बर्बादी रोकने जैसे मुद्दों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। तीसरे दिन दोनों विषयों को जोड़कर यह बताया गया कि नगर निकाय कैसे अपशिष्ट और जल प्रबंधन को एकीकृत कर आम जनता को बेहतर सुविधा दे सकते हैं।

रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष लव कुश कश्यप ने बतायातीन दिन की इस कार्यशाला में हमें अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण की बारीकियां समझाई गईं। प्रशिक्षण सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं था, बल्कि हमें जीवंत उदाहरणों के जरिए यह दिखाया गया कि छोटेछोटे बदलाव करके बड़े परिणाम निकाले जा सकते हैं। अब हमारी कोशिश होगी कि रतनपुर में इन सीखों को लागू कर स्वच्छता और पानी बचाने की दिशा में ठोस पहल की जाए।

रतनपुर से प्रतिनिधित्व

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इस कार्यशाला में रतनपुर से अध्यक्ष लव कुश कश्यप के साथ लेखपाल प्रभारी सीएमओ विजय बिसेन भी शामिल हुए। उन्होंने भी माना कि यह प्रशिक्षण स्थानीय निकायों के लिए बेहद उपयोगी रहा। उनका कहना था कि सूरत जैसे शहरों की कार्यप्रणाली को देखना और समझना हम सबके लिए अनुभवजनक रहा, अब जरूरत है इसे अपने नगर की ज़रूरतों के हिसाब से ढालने की।

क्यों जरूरी है यह पहल

छत्तीसगढ़ के छोटेबड़े कस्बों और नगरों में आज सबसे बड़ी चुनौती हैकचरे का निस्तारण और पानी की कमी। जगहजगह बिखरा कचरा सिर्फ शहर की खूबसूरती बिगाड़ता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनता है। वहीं गर्मियों में जल संकट आम समस्या है। ऐसे में यह प्रशिक्षण स्थानीय निकायों के लिए मार्गदर्शन साबित होगा।

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