विष्णु भैया की पहल से छत्तीसगढ़ को केंद्र का साथ ! 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक छह केंद्रीय मंत्रियों का दौरा, विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस

रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को विकास योजनाओं की गति से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की तैयारी की है। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच छह केंद्रीय मंत्री छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कृषि एवं ग्रामीण आवास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वास्थ्य एवं रसायन-उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया तथा कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी शामिल हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकास योजनाओं को लेकर लगातार केंद्रीय मंत्रियों से संवाद और समन्वय बनाए रखा है। सरकार का कहना है कि इस पहल से आवास, कृषि, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, खेल और खनन प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
राज्योत्सव के समापन पर आएंगे अमित शाह
3 नवंबर को राज्योत्सव के समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राजधानी रायपुर में मौजूद रहेंगे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्र के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया है। जारी जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने इस लड़ाई में आवश्यक संसाधन और मनोबल उपलब्ध कराने के साथ नक्सलवाद से मुकाबले के लिए केंद्रीय सहायता योजना के तहत राशि भी प्रदान की।
सरकार का कहना है कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ विकास और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बस्तर के पुनर्निर्माण और प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
पीएम आवास योजना के तहत 24.50 लाख आवास स्वीकृत
ग्रामीण आवास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना को राज्य सरकार ने केंद्र-राज्य समन्वय का प्रमुख उदाहरण बताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस विषय पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा की थी। राज्य सरकार के मुताबिक, छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अतिरिक्त आवासों की घोषणाएं भी कीं।
इसके अलावा नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार विशेष आवास स्वीकृत किए गए हैं। इन आवासों को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बस्तर में पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
किसानों के लिए यूरिया और डीएपी की उपलब्धता पर पहल
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण खाद की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने के बीच छत्तीसगढ़ के किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का मुद्दा भी केंद्र के समक्ष उठाया गया। राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री साय की पहल पर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पिछले खरीफ सीजन में 50 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई। इस बार भी अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराई गई है।
कृषि क्षेत्र के लिए खाद की समय पर उपलब्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे किसानों को फसल उत्पादन संबंधी कार्यों में सहायता मिलती है।
वंचित वर्गों के कल्याण पर रहेगा जोर
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार 30 और 31 अक्टूबर को रायपुर तथा बिलासपुर के दौरे पर रहेंगे। राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के वंचित वर्गों के कल्याण से जुड़े विषयों पर केंद्रीय मंत्री के साथ कई बार चर्चा की है। इन प्रयासों के बाद संबंधित वर्गों के हित में निर्णय लिए गए हैं।
राज्योत्सव में खेल और श्रम क्षेत्र से जुड़े मुद्दे
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया राज्योत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को केंद्र और राज्य के सहयोग का उदाहरण बताया गया है। मुख्यमंत्री साय ने ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और विस्तार को लेकर भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष पहल की थी।
खनन प्रभावित परिवारों की योजनाओं की समीक्षा
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी 3 नवंबर को एनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। उनके एक समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने का भी कार्यक्रम है। राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय मंत्री के बीच खनन प्रभावित परिवारों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं पर चर्चा हुई है और उनकी बेहतरी के लिए कई निर्णय लिए गए हैं।
केंद्र-राज्य समन्वय पर टिकी निगाहें
30 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच होने वाले इन दौरों के दौरान आवास, कृषि, सामाजिक न्याय, श्रम, खेल, खनन और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय प्रमुख रहेगा। राज्य सरकार इन प्रयासों को छत्तीसगढ़ के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मान रही है।

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