
रायपुर, 27 सितंबर 2026। प्रदेश में लगातार हो रही अतिवृष्टि और बाढ़ के बीच प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने कठिन परिस्थितियों में अब तक 16,074 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। बस्तर और बीजापुर के दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई।
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571 गांवों में बाढ़ का असर, 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
27 सितंबर 2026 तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 571 गांवों के 22,377 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश और जलभराव के चलते प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दल लगातार सक्रिय हैं।
173 राहत शिविरों में 17,540 लोगों को मिला आश्रय
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रदेशभर में 173 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में 17,540 लोगों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है। प्रशासन के अनुसार राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार राहत शिविरों का संचालन जारी रखने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ से 1,354 मकान प्रभावित
बाढ़ के कारण अब तक 199 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 1,155 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। राजस्व अमले द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में मकानों और अन्य संपत्तियों को हुई क्षति का सर्वेक्षण एवं आकलन किया जा रहा है।
पात्र प्रभावित परिवारों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 (RBC 6-4) के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
8 लोगों की जनहानि, 172 पशुहानि की सूचना
आपदा के कारण प्रदेश में अब तक 08 जनहानि और 172 पशुहानि की सूचना प्राप्त हुई है। संबंधित जिला प्रशासन को प्रत्येक प्रकरण में नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
बस्तर और बीजापुर में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
बाढ़ की चुनौती सबसे अधिक दुर्गम क्षेत्रों में सामने आई है। बस्तर और बीजापुर जिलों में ऐसे स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें जमीनी स्तर पर भी लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
प्रभावितों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
राज्य शासन द्वारा राहत और बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना, राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षति का शीघ्र आकलन कर पात्र परिवारों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराना है।
अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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