बलरामपुर:
सोमवार की रात कोरबा से पटना जा रही एक यात्री बस में मानवता और सूझबूझ की एक बेहद भावुक तस्वीर देखने को मिली। मूसलाधार बारिश के बीच, घने जंगल से गुजर रही चलती बस में एक महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। संकट की इस घड़ी में बस में सवार सह-यात्रियों ने न सिर्फ सुरक्षित प्रसव कराया, बल्कि आपस में चंदा जुटाकर पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद भी की।
मूसलाधार बारिश के बीच अचानक शुरू हुआ लेबर पेन
जानकारी के मुताबिक, करीब 35 यात्रियों को लेकर राजहंस ट्रेवल्स की बस कोरबा से पटना के लिए रवाना हुई थी। रात करीब 11:30 बजे, जब बस अंबिकापुर पार कर बलरामपुर के मैदानी और जंगली रास्ते से गुजर रही थी, तभी कोरबा की रहने वाली नवविवाहिता सुनती देवी को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई। सुनती देवी अपने पति के साथ पहली बार मां बनने के इस सफर पर अपने ससुराल पटना जा रही थीं।
महिला यात्रियों ने संभाली कमान, बस बनी ‘डिलीवरी रूम’
जंगल का रास्ता, रात का वक्त और बाहर हो रही तेज बारिश के कारण तुरंत डॉक्टरी सहायता मिलना असंभव था। ऐसे में बस के भीतर मौजूद महिला यात्री देवदूत बनकर आगे आईं। उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला और सूझबूझ दिखाते हुए चलती बस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। जैसे ही नवजात के रोने की आवाज यानी किलकारी गूंजी, पूरे बस में तनाव का माहौल खुशी और राहत में बदल गया। माँ और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
यात्रियों ने दरियादिली दिखाकर जुटाए ₹9,000
इस सुखद मोड़ के बाद बस में सवार यात्रियों ने मानवता की एक अनोखी मिसाल पेश की। नवजात के स्वागत और प्रसूता की मदद के लिए यात्रियों ने तुरंत आपस में चंदा इकट्ठा किया। देखते ही देखते ₹9,000 की सम्मान राशि जुट गई, जिसे उन्होंने नवविवाहिता और उसके पति को सौंप दिया।
“विपत्ति के समय अनजान चेहरों का यह अपनापन और तत्परता साबित करती है कि आज भी समाज में इंसानियत जिंदा है।”

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