रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1. सड़क ठेकेदारों को बड़ी राहत: महंगे डामर (बिटुमिन) पर मिलेगी क्षतिपूर्ति
वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उछाल के कारण डामर के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई थी, जिससे सड़क निर्माण कार्यों की गति धीमी होने की आशंका थी। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:
किन्हें मिलेगा लाभ: 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) दी जाएगी।
राहत का आधार: यह राहत केवल बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए एक निर्धारित फॉर्मूले के तहत दी जाएगी। अन्य घटकों पर पुराने एस्केलेशन नियम ही लागू रहेंगे।
उद्देश्य: निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखना ताकि जनता को समय पर चमचमाती सड़कों का लाभ मिल सके। (नोट: भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए ऐसे ही निर्देश दिए हैं)।
2. स्क्रैप निस्तारण के लिए MSTC का अनुबंध 3 साल के लिए बढ़ा
राज्य के विभिन्न विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों में जमा कबाड़ (स्क्रैप) और अनुपयोगी सामग्रियों के पारदर्शी निपटारे के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है:
अनुबंध का विस्तार: भारत सरकार के उपक्रम मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MSTC) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध को अगले 3 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह अनुबंध 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा था।
फायदे:
MSTC के अत्याधुनिक ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार बोली लगा सकेंगे, जिससे राज्य को कबाड़ का बेहतर मूल्य मिलेगा।
विभागों को अलग से टेंडर या विज्ञापन निकालने की जरूरत नहीं होगी, जिससे प्रशासनिक समय और संसाधनों की बचत होगी।
कार्यालय परिसरों में स्वच्छता और स्थान का प्रबंधन बेहतर होगा।
3. छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अब सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन
प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संवेधानिक बदलाव को मंजूरी दी गई है:
नियमों में संशोधन: “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में संशोधन कर छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को अब सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन लाया जाएगा।
व्यापम का विलय: उल्लेखनीय है कि “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम, 2026” लागू होने के बाद, पूर्व के ‘छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल’ (व्यापम) का विलय इस नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है। व्यापम की सभी संपत्तियां और देनदारियां भी अब नए मंडल में शामिल हैं।

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