// सफलता की कहानी//- महतारी वंदन योजना से महंत परिवार की महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह


सरकारी योजना से बढ़ा आत्मविश्वास, महिलाएं बन रहीं परिवार की ताकत
सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से परिवार की आय में दे रहीं योगदान

कोरबा 06 मार्च। राज्य सरकार की ’महतारी वंदन योजना’ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनके और उनके परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही है।

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कोरबा नगर के पोड़ीबहार क्षेत्र में रहने वाले ’महंत परिवार’ की महिलाओं के जीवन में भी इस योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले सीमित संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण परिवार की महिलाएं अपने कौशल का सही उपयोग नहीं कर पा रही थीं। घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का अवसर नहीं मिल पाता था।परंतु ’महतारी वंदन योजना’ से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। परिवार की मुखिया ’श्रीमती रथबाई महंत, उनकी बेटी ’’राधिका महंत’ तथा बहुएं ’गुरवारी’ और ’उर्मिला देवी’ इस योजना का लाभ लेकर अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

रथबाई महंत बताती हैं कि इस योजना से उनकी बेटी और बहुओं को अपने हुनर को आगे बढ़ाने का मौका मिला है। इससे न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। वे कहती हैं कि यह योजना उनके जैसे अनेक परिवारों की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बन रही है।

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परिवार की बहुएं गुरवारी और उर्मिला देवी बताती हैं कि पहले उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि से वे स्वयं अपने खर्चों का प्रबंधन कर रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में भी योगदान दे रही हैं। इससे उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।

उर्मिला देवी का कहना है कि अब घर की सभी महिलाएं मिलकर अपनी आय का एक हिस्सा बैंक में जमा भी कर रही हैं, ताकि भविष्य में परिवार की जरूरतों के समय यह सहारा बन सके। उनके अनुसार इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।वहीं राधिका महंत ने इस योजना से मिली सहायता का उपयोग करते हुए घर पर ही सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू कर दिया है। आसपास के लोग उनके पास कपड़े सिलवाने, फॉल पीकू करवाने के लिए आने लगे हैं, जिससे उन्हें नियमित आय होने लगी है। इस काम से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।

आज महंत परिवार की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ’महतारी वंदन योजना’ ने उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता देने के साथ-साथ यह विश्वास भी दिलाया है कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज प्रगति की ओर बढ़ता है।

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