CG News:-“छात्रा की मौत: दो महीने चली जांच, FIR दर्ज होते ही आरोपी हुए फरार,प्राचार्य के पति और सरकारी शिक्षक पर जुर्म दर्ज,

CG News:-निजी स्कूल में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ स्कूल के प्राचार्य के सरकारी शिक्षक पति द्वारा सार्वजनिक रूप से मारपीट की गई। इस मारपीट का गहरा आघात सहते हुए छात्रा ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है और पुलिस ने भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

बिलासपुर के रतनपुर क्षेत्र के ग्राम नेवसा में स्थित निजी स्कूल की नवीं कक्षा की छात्रा पूनम रजक ने सितंबर महीने में अपने घर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। परिवार ने छात्रा से स्कूल में मारपीट के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। इसके साथ ही सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक रमेश साहू पर भी गंभीर आरोप लगे।
शिक्षा विभाग ने मामले की जांच में सरकारी शिक्षक की संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मर्ग जांच कर आत्महत्या के मामले में शिक्षक समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
रतनपुर क्षेत्र के ग्राम नेवसा में रहने वाली 15 वर्षीय पूनम रजक, जो सीता देवी उच्चतर माध्यमिक स्कूल में नौंवी कक्षा में पढ़ती थी, 22 सितंबर को स्कूल गई थी। उसी दिन स्कूल के प्राचार्य के पति ने छात्रा पर ग्यारहवीं कक्षा के छात्र से दोस्ती का आरोप लगाकर उसे पूरे स्कूल के सामने घसीटकर मारपीट की।
रमेश साहू, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, उस दिन घटना स्थल पर थे। छात्रा इस अत्याचार से गहरे आहत और अपमानित महसूस कर रही थी। प्राचार्या भी मौके पर मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने अपने पति द्वारा की जा रही मारपीट को रोकने का प्रयास नहीं किया। स्कूल से वापस आते ही शाम पांच बजे छात्रा घर पहुंची, कुछ समय बाद उसकी लाश फांसी पर मिली।
पुलिस ने सूचना पाकर पोस्टमार्टम के लिए शव कब्जे में लिया। छात्रा के सहपाठियों ने बताया कि 22 सितंबर को प्रिंसिपल की मौजूदगी में शिक्षक और स्कूल संचालक के भाई रमेश साहू ने मारपीट की। परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
डीईओ ने जांच के आदेश दिए। पता चला कि शिक्षक रमेश साहू का भाई एक निजी स्कूल चलाता है, जहां उसकी पत्नी प्राचार्या हैं। वह सरकारी स्कूल में पढ़ाने के बजाय निजी स्कूल में ज्यादा वक्त बिताते थे। किसी भी दिन सरकारी स्कूल में मौजूद नहीं रहते थे।
जांच के बाद रमेश साहू को निलंबित कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज और अन्य छात्रों के बयानों से मारपीट की पुष्टि हुई।
पुलिस ने मर्ग जांच के नाम पर दो महीने तक एफआईआर दर्ज नहीं की। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक को दोषी मानने के बाद पुलिस ने मंगलवार को मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी का नाम छुपाया जा रहा है, अधिकारियों का कहना है कि नाम सामने आने पर वह फरार हो सकता है। आरोपी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है।
छात्रा के आत्महत्या के पीछे मानसिक दबाव और स्कूल में हुई मारपीट के कारण उसने जीवन समाप्त करने का कदम उठाया। सहपाठियों और परिजनों के मुताबिक, स्कूल में उसे अपमान और प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जो उसकी मानसिक स्थिति को बेहद कमजोर कर गई। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की मानसिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Live Cricket Info