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????️ मानसून में सर्पदंश का बढ़ा खतरा,स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: झाड़-फूंक नहीं, सीधे अस्पताल पहुंचें – जानिए क्यों

जैसे ही बारिश की बूंदें धरती से टकराईं, छत्तीसगढ़ में ज़हर खामोशी से सरकने लगा है।मानसून की शुरुआत के साथ राज्य में सर्पदंश के मामलों में उछाल आया है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी हैअंधविश्वास जानलेवा है, झाड़फूंक नहीं, एंटीवेनम ही एकमात्र इलाज है।

रायपुर |छत्तीसगढ़ में मानसून आते ही सांपों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। इसमें झाड़फूंक और देसी इलाज से बचने की सख्त सलाह दी गई है और लोगों को सीधे नजदीकी अस्पताल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं, जहां निशुल्क एंटीवेनम इंजेक्शन उपलब्ध है।

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भारत में हर साल 40 लाख सर्पदंश, 50 हजार मौतें

हर साल देश में औसतन 40 लाख लोग सांप के काटे जाने का शिकार होते हैं, जिनमें से 50,000 से अधिक मौतें होती हैं। सबसे चिंताजनक आंकड़ा ये है कि इनमें से 70% मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में होती हैं, जहां आज भी ओझा-बैगा, झाड़-फूंक जैसी पद्धतियों पर अधिक भरोसा किया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी:

“सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी है, झाड़-फूंक में समय गंवाना जान ले सकता है।
सभी सरकारी अस्पतालों में फ्री एंटीवेनम उपलब्ध है। पीड़ित को तुरंत अस्पताल लाएं।”
— छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग

सबसे जहरीले 4 सांप: जानिए पहचान और प्रभाव

छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत में चार प्रमुख जहरीले सांप पाए जाते हैं, जो मौत का कारण बन सकते हैं:

???? सांप ⚠️ ज़हर का असर
कोबरा (Cobra) सांस रुकने लगता है (न्यूरोटॉक्सिक)
करैत (Krait) मस्तिष्क पर असर, रात में काटता है
रसेल वाइपर (Russell’s Viper) खून जमाता है, किडनी फेलियर का खतरा
सॉ-स्केल्ड वाइपर (Saw-scaled Viper) आंतरिक रक्तस्राव (हेमोटॉक्सिक)

???? सांप की पहचान करना मुश्किल हो तो इलाज में देर न करें – अस्पताल पहुंचें।

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मानसून में सांप कहां छुपते हैं?

बारिश के दिनों में सांप छिपते हैं:
• कचरे के ढेर और खुले नालों में
• खेत और झाड़ियों में
• निर्माणाधीन मकानों और अंधेरी जगहों में
• घर की दरारों और गमलों के नीचे

सर्पदंश से बचने के उपाय

✅ घर और आसपास की सफाई रखें
✅ दरवाजों पर डोर स्वीप और खिड़कियों पर जाली लगाएं
✅ गमलों को स्टैंड पर रखें, फर्श पर न रखें
✅ खेत या झाड़ी में जाने से पहले टॉर्च और मजबूत जूते पहनें
✅ बच्चों को नंगे पांव खेलने से रोकें

सांप काटे तो क्या करें और क्या न करें?

???? क्या करें:
• पीड़ित को शांत रखें और लेटा दें
• काटे गए अंग को हिलने न दें
• अंग को दिल से नीचे रखें
• ढीले कपड़े पहनाएं
• जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचाएं (4 घंटे के भीतर)

???? क्या न करें:
• झाड़-फूंक, ओझा, बैगा के पास न जाएं
• अंग पर कसाव न बांधें
• कट न लगाएं, जहर चूसने की कोशिश न करें
• घरेलू नुस्खों में समय न गंवाएं

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खतरा

ग्रामीण इलाकों में मेडिकल सुविधाओं की कमी, अंधविश्वास और जानकारी के अभाव के कारण सर्पदंश के मामले ज्यादा गंभीर हो जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सर्पदंश जागरूकता अभियान चलाकर मौतों को रोका जा सकता है।

सरकार को चाहिए कि गांवों के स्कूलों, पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं।

समय पर इलाज ही जीवन रक्षक उपाय है

बारिश के इस मौसम में साफ-सफाई, बचाव और समय पर अस्पताल पहुंचना ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
अंधविश्वास और झाड़-फूंक न केवल जान ले सकते हैं, बल्कि परिवार को भी बड़ा नुकसान दे सकते हैं।

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