झूठी लूट की कहानी का पर्दाफाश शनिवार को — पुलिस खोलेगी पूरा राज़

कर्ज़ के जाल में उलझा गिरीश, लूट का झूठ गढ़ा! — पुलिस शनिवार को बताएगी पूरा सच

संवाददाता:सुरेंद्र मिश्रा / शुक्रवार को पूछेली गांव में हुई कथित लूट की वारदात अब एक नई दिशा में मोड़ ले रही है। शुरुआती जांच में जो मामला 11 लाख 80 हजार रुपये नकद और एक लैपटॉप की लूट का बताया गया था, वह अब एक साजिश की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम कर्ज़ के बोझ से दबे एक व्यक्ति द्वारा रची गई एक फर्जी कहानी हो सकती है।

लूट नहीं, खुद की ‘रचना’?
पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित गिरीश देवांगन पर भारी कर्ज़ था और वह उसे चुकाने के लिए दबाव में था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि लूट की कहानी उसी दबाव में गढ़ी गई — ताकि रकम गायब होने का ‘वाजिब’ कारण बनाया जा सके।

एफआईआर में देरी, बयान में विरोधाभास
घटना की सूचना देने में लगभग चार घंटे की देरी और पीड़ित के मौखिक व लिखित बयानों में अंतर ने शुरू से ही मामले को संदेहास्पद बना दिया था। पुलिस को कुछ तकनीकी साक्ष्य भी हाथ लगे हैं, जो लूट की बजाय एक ‘प्लान्ड स्क्रिप्ट’ की ओर इशारा करते हैं।

CCTV और कॉल डिटेल्स ने खोले राज
मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी, जबकि दीपेश के कॉल डिटेल्स में कुछ ऐसे नंबरों से लगातार संपर्क मिला है, जो जांच के दायरे में आ चुके हैं। पुलिस इन कॉल्स की लोकेशन और रिकॉर्डिंग खंगाल रही है।

पुलिस कर सकती है खुलासा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा शनिवार को (आज) प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जा सकता है। आशंका है कि  दीपेश देवांगन को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जाएगी और अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें आरोपी बनाया जा सकता है।

अब तक की जांच यह संकेत दे रही है कि ‘लूट’ का यह मामला महज़ एक दिखावा था — सवाल यह है कि क्या पुलिस सबूतों के दम पर इसे साबित कर पाएगी और क्या गिरीश सच को स्वीकार करेगा?

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