घर-घर जाकर किया जाएगा पीएम आवास 2.0 का सर्वे

सुकमा । प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 01 अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण प्रारंभ किया गया है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में निवासरत गरीब व बेघर पात्र परिवारों हेतु सभी के लिए पक्का आवास के लक्ष्य को प्राप्त करना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत, मंत्रालय के क्रियान्वयन में 2024-25 से 2028-29 तक वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके अंतर्गत आवासों के निर्माण हेतु नया मापदंड तैयार किया गया है। जिसके अंतर्गत मोटरयुक्त तिपाहिया व चौपहिया वाहन। मशीनीकृत तिपाहिया व चौपहिया कृषि उपकरण। 50 हजार रुपए अथवा इससे अधिक ऋण सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड। ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो। सरकार के पंजीकृत गैर कृषि उद्यम परिवार। ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य 15 हजार से अधिक कमा रहा है। आयकर देने वाले परिवार।व्यवसाय कर देने वाले परिवार। ऐसे परिवार जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि हो। ऐसे परिवार जिसके पास 05 एकड़ या इससे अधिक असिंचित भूमि हो। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत वर्ष 2018 में तैयार की गई आवास प्लस के सूची के अनुसार छुटे हुए पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जावेगा तथा नये मापदण्ड के आधार पर सभी पात्र परिवारों को आवास प्लस सूची में शामिल किया जावेगा।

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विदित हो कि सर्वे करने वाले प्रगणक का पंजीयन आवास सॉफ्ट पोर्टल पर अनिवार्य कर दिया गया है। सर्वे करने के लिए तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक को प्रगणक बनाया गया है।

 

शासन के निर्देशानुसार जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत सभी पात्र परिवारों का सर्वे कार्य आवास प्लस मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से किया जा रहा है। अगर किसी कारण से सर्वे हेतु कोई पात्र परिवार छुट जाता है तो हितग्राही ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्र से संपर्क कर अपना सर्वे कार्य पूर्ण करा सकते है। पात्र हितग्राही स्वयं आवास प्लस मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से अपनी जानकारी अपलोड कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या के समाधान के लिए संबंधित जनपद एवं ग्राम पंचायत के सचिव से सीधा संपर्क किया जा सकता है।

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