
अंकित सिंह : विशेष संवाददाता
पाली (कोरबा)। नगर पंचायत पाली के शिव मंदिर के सामने स्थित अटल चौक में लगाया गया तिरंगा अब गंभीर बदहाली का शिकार हो चुका है। सड़क किनारे लगे इस राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि यह फटने की कगार पर है और दिनभर गुजरने वाली गाड़ियों की धूल में लगातार सना रहता है। यह न केवल लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ी संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने वाला मामला भी बन गया है।
स्थानीय लोगों द्वारा सामने आए फोटो और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तिरंगा धूल और प्रदूषण के बीच अपनी गरिमा खोता जा रहा है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण उड़ने वाली धूल सीधे झंडे पर जम रही है, जिससे उसका रंग फीका पड़ता जा रहा है और कपड़ा भी क्षतिग्रस्त हो रहा है।
Flag Code की खुली अनदेखी
भारत सरकार द्वारा जारी Flag Code of India, 2002 के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा स्वच्छ, सम्मानजनक और उचित स्थान पर फहराया जाना चाहिए। नियम स्पष्ट कहते हैं कि तिरंगे को ऐसी जगह नहीं लगाया जाना चाहिए जहां वह गंदा हो, क्षतिग्रस्त हो या उसकी गरिमा प्रभावित हो।
इसके अलावा, यदि ध्वज फट जाए या खराब हो जाए, तो उसे तुरंत उतारकर सम्मानपूर्वक नष्ट करना अनिवार्य है। वर्तमान स्थिति इन नियमों की सीधी अनदेखी को दर्शाती है।
कानून भी करता है दंड का प्रावधान
Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत राष्ट्रीय ध्वज का अपमान दंडनीय अपराध है। यदि किसी संस्था या जिम्मेदार इकाई द्वारा लापरवाही के चलते झंडे की स्थिति खराब होती है, तो यह भी कानून के दायरे में आता है। ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई का प्रावधान है।
नगर पंचायत पाली की जिम्मेदारी पर सवाल
अटल चौक जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर इस प्रकार तिरंगे की अनदेखी सीधे तौर पर नगर पंचायत पाली की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। झंडे की नियमित देखरेख, सफाई और समय पर बदलाव सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां यह जिम्मेदारी पूरी तरह नजरअंदाज होती दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने फटे और धूल से सने तिरंगे को तत्काल बदलने, तथा सुरक्षित और उचित स्थान पर नया झंडा लगाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि तिरंगा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है, जिसके सम्मान से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
फोटो और वीडियो सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि नगर पंचायत पाली और जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं। क्या तुरंत झंडा बदला जाएगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा—इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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