
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के तेवर लगातार सुर्खियों में हैं। रायपुर में “हाउस अरेस्ट” के बाद शुरू हुआ विवाद अब और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। कंवर ने जहां सरकार के रवैये को सिरे से खारिज कर दिया, वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए देर शाम कोरबा लौट गए। लेकिन लौटने से पहले उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को लेकर भी बड़ा बयान दे डाला, जिससे पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। कंवर ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को पार्टी से निकाल देना चाहिए।
कंवर ने मीडिया से चर्चा में साफ कहा कि “सरकार की बात मैं नहीं मानूंगा, क्योंकि प्रशासनिक तौर-तरीके जनविरोधी हो चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के भीतर अब कुछ नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि बाल्को कंपनी और डीएमएफ फंड को लेकर जिले में भारी गड़बड़ी की जा रही है, जिसकी शिकायत वे पहले ही मुख्यमंत्री तक कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
राजधानी में गहोई भवन के भीतर रोके जाने के बाद कंवर ने इसे “हाउस अरेस्ट” करार दिया और सरकार पर तीखे हमले बोले। उनके इस रुख ने न केवल प्रशासन बल्कि पार्टी नेतृत्व को भी असहज कर दिया। देर शाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने उनसे मुलाकात कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। मुलाकात के बाद कंवर नरम पड़े और कहा कि सिंहदेव ने दो से तीन दिन के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया है, इसलिए वे अब रायपुर में नहीं रुकेंगे।
हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा—
“जो लोग सरकार में रहकर भी जनहित की आवाज़ नहीं उठा पाए, वे अब सलाह देने की स्थिति में नहीं हैं। जनता सब देख रही है, अगले चुनाव में जवाब देगी। उनको पार्टी से निकाल देना चाहिए”
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि ननकीराम कंवर के निशाने पर कौन हैं और क्या उनकी नाराज़गी सिर्फ कलेक्टर तक सीमित है या पार्टी नेतृत्व से भी।
उधर, कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा सरकार को घेरने में देर नहीं की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “जब देश के गृह मंत्री बस्तर में हैं, तब भाजपा अपने ही वरिष्ठ आदिवासी नेता को रायपुर में हाउस अरेस्ट कर रही है। ये बताता है कि भाजपा आदिवासियों की आवाज़ दबाना चाहती है।”
अब ननकीराम कंवर के तेवर और उनके बयानों ने छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल मचा दी है। देखने वाली बात होगी कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व उनके आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या कंवर को जल्द ही संतुष्ट किया जा सकेगा या नहीं।

