जांजगीर चांपा- अबकारी विभाग को राजस्व अधिक आय से मतलब है। शराब कहां बिक रहा है कौन बेच रहा है इससे उसका दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं। ऐसा ही कुछ इन दिनों जांजगीर जिले में चल रहा है। जिले के एक दो नहीं बल्कि अधिकांश ढाबे में डिमांड के हिसाब से शराब मिल ही जाएगा। शराब की सप्लाई से लेकर ब्रिकी तक का जिम्मा अबकारी विभाग का है मगर विभाग बगूला भगत बन कर आंख मूंदे हुए है अब इंतजार है तो सिर्फ पुलिस कार्रवाई का ।
जिला मुख्यालय के 8 किलोमीटर की रोड़ा ढाबा स्थित है जहां ढाबे में लोगों को खाना के साथ शराब परोसा जाता है। यह ढाबा बिलासपुर जांजगीर नेशनल हाईवे तिलाई के पास स्थित है बेखौप होर खुले आम लोगो शराब पीने के लिए जगह दिया जाता है। हालाकि अबकारी मामले में कार्रवाई करनें का अधिकार पुलिस को है मगर पुरी जवाब देही अबकारी विभाग की बनती है। अबकारी विभाग के अधिकारी ऐसी शिकायों को अनदेखा करते है।
अवैध नशे के खिलाफ कार्रवाई के दिए थे आदेश,
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि अवैध नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें। अबकारी विभाग को पुलिस की तर्ज पर अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करनें का अधिकार है मगर अपनें दायित्वों से बचने के लिए हमेशा विभाग पुलिस की कार्रवाई का इंतजार करता है। विभाग की मौन सहमति के बाद लाखों के अवैध शराब जिले के ढाबे में खुले तौर पर बिक रहा है।

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