*डिजिटल सेवाओं में छत्तीसगढ़ी की बढ़ती स्वीकार्यता*

– *बिजली उपभोक्ताओं में मातृभाषा के उपयोग का बढ़ा रुझान* 

– मोर बिजली एप व एसएमएस सेवा में अंग्रेजी से कहीं आगे छत्तीसगढ़ी

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रायपुर, 6 मार्च 2026। डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के बीच प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं में मातृभाषा छत्तीसगढ़ी के प्रति विशेष लगाव दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की डिजिटल सेवाओं में बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब छत्तीसगढ़ी भाषा में सूचना प्राप्त करना पसंद कर रहे हैं, जो स्थानीय भाषा के प्रति बढ़ते विश्वास और अपनत्व को दर्शाता है।

राजभाषा छत्तीसगढ़ी को डिजिटल युग में नई पहचान मिल रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के मोर बिजली एप एवं एसएमएस सेवा में अब चार लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने छत्तीसगढ़ी भाषा में सूचना प्राप्त करने का विकल्प चुना है। यह संख्या अंग्रेजी भाषा चुनने वाले उपभोक्ताओं से लगभग दस गुना अधिक है, जो प्रदेशवासियों के अपनी मातृभाषा के प्रति बढ़ते सम्मान और विश्वास को दर्शाती है।

ऊर्जा सचिव व छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कहा कि राजभाषा छत्तीसगढ़ी को बढ़ावा देना कंपनी की प्राथमिकता है। स्थानीय भाषा में सूचना उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं तक संदेश अधिक स्पष्ट, सरल और प्रभावी ढंग से पहुँचता है। यह पहल प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को और सशक्त बना रही है।

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प्रदेश के लगभग 39 लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर एसएमएस सेवा से जुड़े हैं। इनमें से 34.7 लाख उपभोक्ताओं को हिन्दी, चार लाख से अधिक को छत्तीसगढ़ी तथा लगभग 35 हजार उपभोक्ताओं को अंग्रेजी में संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में बिजली बिल भुगतान, विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ शामिल होती हैं।

पॉवर कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उपभोक्ता 1912 कॉल सेंटर पर संपर्क कर अथवा मोर बिजली एप के माध्यम से अपनी भाषा का विकल्प सरलता से बदल सकते हैं।

*मोर बिजली एप : सुविधा और भरोसे का प्रतीक*

कंपनी के इंजीनियरों द्वारा विकसित मोर बिजली एप को अब तक 30 लाख से अधिक उपभोक्ता डाउनलोड कर चुके हैं। गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध इस एप को उपभोक्ताओं ने 5 में से 4.4 स्टार की सराहनीय रेटिंग दी है।

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प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।