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संतान की लंबी उम्र के लिए सेक्टर 3 बालको में महिलाओं ने किया हलषष्ठी व्रत पूजा धूमधाम

कोरबा (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़)। हलषष्ठी व्रत का त्योहार जन्माष्टमी से दो दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन हल छठ माता, शीतला माता और भगवान बलराम की पूजा की जाती है। इस पर्व को ललही छठ, रांधण छठ, बजराम जयन्ती, कमर छठ और हल छठ इत्यादि कई नामों से मनाया जाता है।छत्तीसगढ़ में इस त्योहार को खम्हरछठ के नाम से मनाया जाता है। इस दिन व्रत महिलाएं व्रत रहती हैं और घर में तालाब और छठ माता की आकृति बनाकर उनकी विधि विधान पूजा करती हैं। इस पूजा में भैंस की दही, चावल और महुआ का प्रयोग किया जाता है।

सभी महिलाएं सुबह से निराहार उपवास रहकर हल षष्ठी माता की पूजा अपने संतान की लंबी उम्र की कामना करते हुए नियम धरम से मिट्टी का तालाब बनाकर किए।

पूजन पश्चात 6 प्रकार की भाजी और पसहर चावल बनाकर भैंस की दूध, दही,घी के साथ छठ प्रसाद कौआ,कुत्ता,गाय को खिलाकर स्वयं ग्रहण किए l

छूही से बच्चों को पोता मारकर हल षष्ठी माता से अपने संतानों की लंबी आयु की कामना के लिए आशीर्वाद लिया गया l

व्रत कथा एवं पूजा रेखा शर्मा द्वारा विधि विधान से मंत्र उच्चारण के साथ कराया गया l पूजन कार्यक्रम में विशेष रूप से सुष्मिता तिवारी, शिखा, गुंजा राठौर, प्रीति, उषा, अंजू, चित्रांगदा, वैष्णवी, पलक, नेहा, अनुपमा , वंदना , बेबी व सुचिता के साथ मोहल्ले के सभी महिलाएं उपस्थित रहीं। पूजन पश्चात सभी उपस्थित सुहागिने सुहाग सामग्री प्रसाद लेकर अपने अपने घर गई l

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