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CG SDM Suspended:– अर्धनग्न डांसरों के डांस में नोट उड़ाने और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने वाले एसडीएम निलंबित

CG SDM Suspended:– अश्लील डांस कार्यक्रम को अनुमति देने, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहकर अर्धनग्न महिला डांसरों पर खुलेआम पैसे उड़ाने और वीडियो बनाने के मामले में मैनपुर एसडीएम को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर गरियाबंद की अनुशंसा पर रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कांवरे ने यह कार्रवाई की है।

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Gariyaband गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में प्रशासनिक मर्यादा को तार–तार करने वाला मामला सामने आया है। मैनपुर के तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास मरकाम (रा.प्र.से.) को अश्लील डांस कार्यक्रम की अनुमति देने और खुद कार्यक्रम में मौजूद रहकर अर्धनग्न महिला डांसरों के साथ अशोभनीय आचरण करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और मामला तूल पकड़ गया।

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बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद पहले ही तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं ओडिशा से आई डांसर को गिरफ्तार करने के साथ–साथ कार्यक्रम के आयोजकों और सार्वजनिक रूप से अश्लीलता फैलाने वाले 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। एसडीएम तुलसीदास मरकाम को भी कलेक्टर ने पद से हटाकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निलंबन का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे संभागायुक्त ने मंजूरी दे दी।

गरियाबंद जिले के ग्राम उरमाल में युवा समिति द्वारा 6 दिवसीय आर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस आयोजन के लिए 29 दिसंबर को एसडीएम मैनपुर से अनुमति ली गई थी। कार्यक्रम के अंतिम तीन दिन यानी 8, 9 और 10 जनवरी को डांस शो रखा गया था, जिसमें ओडिशा के कटक की जय दुर्गा ओपेरा इवेंट्स से महिला डांसरों को बुलाया गया। कार्यक्रम का प्रचार पूरे क्षेत्र में किया गया था। यहां तक कि एक युवती ने खुद को “ओडिशा की सनी लियोनी” बताकर वीडियो जारी कर लोगों को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया।

डांस कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ उमड़ी। 8 जनवरी को भी स्थिति बेकाबू रही, जबकि 9 जनवरी की रात एसडीएम तुलसीदास मरकाम बतौर अतिथि मंच के सामने मौजूद थे। आयोजकों ने उनके लिए विशेष रूप से आगे की सीट आरक्षित की थी। रात 11 बजे से तड़के 3 बजे तक चले कार्यक्रम में महिला डांसर अर्धनग्न अवस्था में अश्लील गानों पर नृत्य करती रहीं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एसडीएम सामने बैठकर मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करते रहे और डांसरों पर पैसे उड़ाते नजर आए। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल थे।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुए अन्य वीडियो में दिखा कि कार्यक्रम के दौरान भीड़ के बीच कई लोग बार डांसरों को पास बुलाकर अश्लील हरकतें कर रहे थे। इसी कड़ी में देवभोग थाने के आरक्षक जय कुमार कंसारी और शुभम चौहान के वीडियो सामने आए, जिनमें वे डांसरों को किस करते दिखे। वीडियो वायरल होते ही एसपी ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई की गई।

कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सामने आते ही देवभोग थाने में आयोजकों सहित अश्लीलता फैलाने वाले 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। वहीं एसडीएम तुलसीदास मरकाम पर भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी। पहले कलेक्टर ने उन्हें नोटिस देकर पद से हटाया और अब कलेक्टर के प्रस्ताव पर रायपुर संभाग आयुक्त ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया है।

यह है निलंबन आदेश में दर्ज बातें:–

रायपुर संभाग आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि कलेक्टर गरियाबंद द्वारा अवगत कराया गया कि तुलसीदास मरकाम (रा.प्र.से.), डिप्टी कलेक्टर एवं तत्कालीन एसडीएम मैनपुर, द्वारा 5 से 10 जनवरी 2026 तक ग्राम उरमाल, थाना देवभोग, तहसील अमलीपदर, विकासखंड मैनपुर, जिला गरियाबंद में आयोजित तथाकथित ‘ओपेरा’ कार्यक्रम की अनुमति मनमाने ढंग से प्रदान की गई।

जांच में पाया गया कि उक्त कार्यक्रम में खुले तौर पर अश्लील नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्री मरकाम स्वयं 9 जनवरी की रात उपस्थित रहे। उनके सामने अशोभनीय गतिविधियां चलती रहीं, लेकिन कार्यक्रम रोकने के लिए उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुए।

अपर कलेक्टर गरियाबंद द्वारा 14 जनवरी को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि कार्यक्रम की अनुमति उसी दिन 29 दिसंबर को जारी की गई, जो नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी। यह आचरण कर्तव्यनिष्ठा के विपरीत और प्रशासनिक दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

कारण बताओ नोटिस के जवाब को असंतोषजनक मानते हुए, तुलसीदास मरकाम का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन पाया गया। इसके चलते उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला कार्यालय बलौदाबाजार–भाटापारा निर्धारित किया गया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

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