
CG News:– कोरबा जिले में पदस्थ महिला निरीक्षक मंजूषा पांडे का रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले कई महीनों से कैंसर से जूझ रही थीं। पुलिस विभाग में ही पदस्थ उनके पति मृत्युंजय पांडे इस समय हरदीबाजार थाने में थाना प्रभारी हैं। उनके परिवार में 9 साल का एक बेटा भी है।
लंबी बीमारी के बाद असमय मौत
Korba। छत्तीसगढ़ पुलिस की 2008 बैच की अधिकारी मंजूषा पांडे का शनिवार को निधन हो गया। बीमारी से जूझते हुए भी उन्होंने कई वर्षों तक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन किया। उनकी मौत से पूरा पुलिस महकमा, परिजन और परिचित गहरे सदमे में हैं।
सेवाकाल की उपलब्धियां
मंजूषा पांडे ने कोरबा के बालको थाना प्रभारी रहते हुए उल्लेखनीय काम किया। मेडिकल कॉलेज से हुए एक नवजात शिशु के अपहरण प्रकरण को उन्होंने बेहद त्वरित कार्रवाई कर सुलझाया और मासूम को सुरक्षित बरामद कराया। इस काम ने उन्हें आम नागरिकों और विभाग दोनों में लोकप्रिय बना दिया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
रायगढ़ जिले की मूल निवासी मंजूषा पांडे विवाहित थीं। उनके पति मृत्युंजय पांडे पुलिस विभाग में निरीक्षक पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में हरदीबाजार थाने की कमान संभाल रहे हैं। दोनों का एक 9 वर्षीय पुत्र है। बालको थाने के कार्यकाल के बाद मंजूषा को परिवार परामर्श केंद्र में भी जिम्मेदारी दी गई थी, जहां उन्होंने वैवाहिक और सामाजिक विवादों को संवेदनशीलता से हल कराया।
विभाग में शोक की लहर
वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि मंजूषा एक संवेदनशील, अनुशासित और कर्मठ अधिकारी थीं। उनकी असमय मृत्यु से पुलिस बल ने एक जांबाज अधिकारी और समाज ने एक सहृदय प्रहरी खो दिया है।
लगातार दुखद घटनाएँ
कोरबा जिले का पुलिस विभाग दो दिनों से दुखद घटनाओं से गुज़र रहा है। एक दिन पहले तीन पुलिसकर्मियों के बच्चे तालाब में डूबकर मारे गए थे। और अब निरीक्षक मंजूषा पांडे की मौत से विभाग में एक और बड़ा सदमा लग गया।

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