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बिहार प्रवास से पहले भाजपा नेता विकास रंजन महतो ने ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से की भेंट, लिया आशीर्वाद

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के युवा और ऊर्जावान नेता विकास रंजन महतो ने आज अपने पटना (बिहार) प्रवास के दौरान रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल पर उत्तराखंड के जोशीमठ स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज से ससम्मान भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के केबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी साथ उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने शंकराचार्य जी से आशीर्वाद लेते हुए देश और समाज की समृद्धि, सौहार्द एवं आध्यात्मिक उत्थान की कामना की।

विकास रंजन महतो ने इस अवसर पर कहा कि शंकराचार्य परंपरा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। जोशीमठ ज्योतिर्मठ अद्वैत वेदांत की उस दिव्य परंपरा का केंद्र है, जिसने युगों-युगों तक भारतीय चिंतन को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी जैसे विद्वान, संत और विचारक के सानिध्य में आना अपने आप में एक प्रेरणादायक अनुभव है।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने भी विकास रंजन महतो को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सतत सक्रिय रहने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति और जनसेवा का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक न्याय और धर्म की भावना पहुँचाना होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सनातन संस्कृति की जड़ों से जुड़ते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में भूमिका निभाने का आह्वान किया।

भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ के मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी कहा कि आज के समय में आध्यात्मिक मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। जब राजनीतिक और सामाजिक जीवन में नैतिकता और आदर्शों की बात आती है, तो संत परंपरा का मार्गदर्शन ही सही दिशा दिखा सकता है।

गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती देशभर में सनातन संस्कृति, गौ संरक्षण और भारतीय शिक्षा पद्धति के पुनरुत्थान को लेकर सक्रिय रहते हैं। वे वेद, उपनिषद और अद्वैत दर्शन के गहन ज्ञाता माने जाते हैं। उनके प्रवचन और विचार युवा पीढ़ी में अध्यात्म और राष्ट्र के प्रति चेतना जगाने का कार्य करते हैं।

विकास रंजन महतो ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए राजनीति और अध्यात्म का समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि “जब नीति और धर्म का संगम होता है, तभी राष्ट्र का सच्चा विकास संभव होता है।” उन्होंने शंकराचार्य जी के सानिध्य में हुई यह भेंट अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण बताया।

इस मुलाकात के दौरान विमानतल परिसर में श्रद्धालु और भाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। सभी ने शंकराचार्य जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

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