
कोरबा 04 अगस्त। भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में कई जगह मनमानी हो रही है। निगरानी के लिए रखा गया मैदानी अमला अपने हिसाब से काम कर रहा है। करतला ब्लॉक के कथरीमाल में जनपद पंचायत ने जिस आवास मित्र को काम पर रखा है उसने अपने एवज में दूसरे की सेवा शुरू कर दी। दो सदस्यीय जांच टीम ने इस शिकायत को सही पाया।
सूत्रों के अनुसार पीएम आवास योजना में अधूरे आवासों की जीयो टैगिंग कर इसे पूरा बताने का काम चल रहा है। यहां पर कागज में नियुक्ति किसी और की की गई है लेकिन फील्ड में काम कोई और कर रहा है। इस बारे में स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन को शिकायत की गई। अधिकारियों ने संज्ञान लेने के साथ करारोपण अधिकारी कंवर और तकनीकी सहायक प्रफुल्ल दीक्षित को जांच के लिए भेजा। उन्होंने मौके पर भौतिक सत्यापन किया और शिकायत को सही पाया। मालूम चला कि जिसकी नियुक्ति जनपद ने आवास मित्र के तौर पर नहीं की वह अवैध रूप से अपनी भूमिका निभा रहा है। इस पंचायत में पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन से लेकर संबंधित प्रक्रियाओं की पूर्ति में नियम-पालन पर कई सवाल खड़े हुए हैं। जांच टीम ने कुछ लोगों से पूछताछ की तो सभी ने यही बताया कि आवास मित्र के तौर पर जिसे नियुक्त किया गया, वह दूसरे काम कर रहा है। वह चाहता है कि आवास मित्र के रूप में सरकार से मानदेय मिलता रहे और अपनी क्षमता का अतिरिक्त उपयोग दूसरी जगह भी होता रहे। इसी इरादे से उसने अपने विकल्प में दूसरे व्यक्ति को यहां पर शिफ्ट कर दिया है। अब तक कई यूनिट पीएम आवास के निर्माण के दौरान अनुचित व्यक्ति ने निगरानी से लेकर दूसरे काम किए। लोगों को आपत्ति है कि कामकाज से लेकर दूसरे व्यवहार पर इसका असर पड़ रहा है। इसलिए नियमानुसार कार्रवाई हो।
लोगों ने अपनी मांग के पीछे यह आधार भी दिया है कि बीते वर्षों में जिसे आवास मित्र बनाया गया था अगर उसकी व्यस्तता इतनी ज्यादा है तो उसे तत्काल इस काम से मुक्त किया जाए। इस कर्तव्य की पूर्ति के लिए क्षेत्र में शिक्षित बेरोजगार पर्याप्त हैं। उन्हें काम का मौका देकर आर्थिक हितों को संवारा जा सकता है।

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