नशामुक्ति से न्याय तक: सीपत व मस्तुरी में पुलिस की दोहरी पहल, महिला शक्ति को सलाम और सुविधाओं की सौगात | SSP के नेतृत्व में बदलता पुलिस सिस्टम

बिलासपुर- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह अपने कर्मठ नेतृत्व और जनसरोकारों को प्राथमिकता देने वाले कार्यशैली के लिए एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 16 जून 2025 को उनके निर्देशन में जिले के दो अहम क्षेत्रों – सीपत और मस्तुरी में दो महत्वपूर्ण आयोजन हुए, जिन्होंने पुलिस और समाज के बीच रिश्तों की एक नई बुनियाद रखी।

बिलासपुर पुलिस प्रशासन द्वारा एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर जनहितकारी कार्यों का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। जहां सीपत थाने में शिकायत समाधान शिविर के जरिए लोगों की समस्याओं का मौके पर निपटारा हुआ, वहीं मस्तुरी क्षेत्र को पुलिस अनुविभागीय कार्यालय की सौगात देकर स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत दी गई। दोनों ही कार्यक्रमों की अगुवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की।

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???? सीपत में शिकायत समाधान शिविर: महिला कमांडो को सलाम

थाना सीपत परिसर में थाना प्रभारी गोपाल सतपथी के नेतृत्व में आयोजित समाधान शिविर में SSP रजनेश सिंह, एडिशनल एसपी (ग्रामीण) अर्चना झा और एसडीओपी सिद्धार्थ बघेल मंचासीन रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और उद्देश्यों के स्पष्ट प्रस्तुतीकरण से हुई।

इस अवसर पर ग्राम जुहली की 55 महिला कमांडो को नशामुक्ति अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। SSP सिंह ने महिलाओं को “चेतना प्रहरी” की उपाधि देते हुए कहा:

आपका साहसिक कार्य केवल जुहली ही नहीं, पूरे जिले और प्रदेश के लिए प्रेरणास्त्रोत है। अवैध शराब और नशे के खिलाफ ऐसी अलख पूरे ग्रामीण अंचल में जरूरी है।”

उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध शराब कारोबारियों की “कमर तोड़ी जाएगी” और समाज को पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।

???? शिविर में कुल 18 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का तत्काल समाधान किया गया।
???? 2 मामलों में FIR दर्ज की गई, वहीं 2 मामलों में पारिवारिक समझौते कराए गए।
???? 10 सक्रिय बुजुर्गों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने समाजिक सुधार में सहयोग किया।

???? मस्तुरी को मिली नई सौगात: अनुविभागीय पुलिस कार्यालय का शुभारंभ

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इसी दिन मस्तुरी क्षेत्र के नागरिकों को न्याय के और करीब लाते हुए पुराने थाना परिसर में नया SDOP कार्यालय शुरू किया गया। इसका उद्घाटन SSP रजनेश सिंह ने किया, जहां एडिशनल एसपी अर्चना झा एवं नवनियुक्त SDOP एल.सी. मोहले भी मौजूद रहे।

???? एसएसपी रजनेश सिंह ने इन महिलाओं को “चेतना प्रहरी” बताते हुए कहा:

आपका कार्य केवल जुहली ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। पुलिस अकेले अपराध नहीं रोक सकती, समाज की भागीदारी सबसे जरूरी है।”

उन्होंने आगे दो टूक कहा कि –

“अगर कोई हमारी आंखों के सामने नशे का कारोबार करता है, तो उसकी कमर तोड़ दी जाएगी। अब कच्ची शराब और नशे के धंधे बर्दाश्त नहीं होंगे।”
“अब मस्तुरी, मल्हार, और पचपेड़ी क्षेत्र के नागरिकों को छोटी शिकायतों के लिए शहर नहीं जाना होगा। पुलिस अब आपके द्वार पर है।”

उन्होंने सरपंच, जनपद सदस्य, कोटवार और स्थानीय नेताओं से अवैध नशा, जुआ और सट्टा के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की और कहा कि पुलिस-जन सहयोग से ही अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव है।

???? कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, पत्रकार तथा समाजसेवी उपस्थित रहे।

???? एडिशनल एसपी अर्चना झा ने ‘चेतना कार्यक्रम’ पर विस्तार से चर्चा करते हुए बाल अपराध, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों पर भी नागरिकों को जागरूक किया।

???? एक नई दिशा की शुरुआत

इन दोनों कार्यक्रमों ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि बिलासपुर पुलिस अब सिर्फ कानून पालन कराने वाली इकाई नहीं, बल्कि समाज निर्माण की सक्रिय भागीदार बन रही है। SSP रजनेश सिंह की पहल पर चल रहे ऐसे कार्यक्रम सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाते हैं और ग्रामीणों में विश्वास जगाते हैं कि पुलिस सिर्फ डंडा नहीं, बदलाव भी है।

???? कार्यक्रम में शामिल प्रमुख अतिथिगण:
राजेंद्र धीवर (जिला पंचायत सदस्य), मनोज खरे (जनपद सभापति), मनीषा योगेश वंशकार (सीपत सरपंच), प्रमोद जायसवाल (कांग्रेस नेता), तामेश्वर कौशिक (भाजपा नेता), चंद्रमणि मरावी (लुतरा सरपंच) समेत 72 गांवों के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण।

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