
जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार सुबह अपने गृहग्राम बगिया में बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए। सुबह-सुबह वे खेत पहुंचे और बैलों की जोड़ी के साथ खुद हल चलाकर बियासी की। खेत की मिट्टी और खेती के बीच मुख्यमंत्री का किसान रूप देखकर आसपास मौजूद लोगों को भी उनकी पुरानी ग्रामीण जिंदगी की झलक देखने को मिली।
हल की मूठ थामते ही मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी से जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ने का सुख अलग ही होता है। खेत में काम करते हुए बिताया समय मन को सुकून देने के साथ नई ऊर्जा भी देता है।
हल थामा तो याद आया बचपन
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती-किसानी को करीब से देखते और समझते रहे हैं। उनके लिए खेती सिर्फ आमदनी का जरिया नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। गांव और खेतों ने उन्हें मेहनत की कीमत, प्रकृति के साथ सामंजस्य और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सीख दी है।
गृहग्राम बगिया में खेत के बीच मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज उनकी ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़ाव को भी सामने लाता है। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच गांव और खेत तक पहुंचना उनके लिए अपनी पुरानी स्मृतियों से जुड़ने जैसा है।
‘छत्तीसगढ़ की माटी और किसान दिल के करीब’
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी माटी, मेहनतकश किसानों और समृद्ध कृषि परंपरा से जुड़ी है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ यहां का सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन भी खेती से गहराई से जुड़ा हुआ है। तीज-त्योहारों से लेकर ग्रामीण जीवन की अनेक परंपराओं में कृषि की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ अपने खेत के लिए फसल नहीं उगाता, बल्कि उसके श्रम से पूरे समाज और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। खेती हमें मेहनत, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है।
आधुनिक दौर में भी जड़ों से जुड़े रहना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के दौर में अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है। खेत और कृषि जीवन हमें यह सिखाते हैं कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ना कितना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, कृषि परंपरा और मेहनतकश अन्नदाता किसान उनके हृदय के सबसे करीब हैं। किसानों की खुशहाली और कृषि की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि का मजबूत आधार है।
अन्नदाताओं के लिए की भरपूर फसल की कामना
खेत में बियासी करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के परिश्रम को नमन किया। उन्होंने अन्नदाता किसानों के जीवन में खुशहाली और खेतों में भरपूर फसल की कामना की।
गांव और खेती से पुराना रिश्ता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जीवन ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी से लंबे समय से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वे अपने गांव और खेतों से जुड़ते हैं। बगिया के खेत में बैलों के साथ हल चलाते हुए उनका सहज अंदाज इसी पुराने रिश्ते की तस्वीर पेश करता है।

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