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कोरबा

नल-जल योजनाः गर्मी से पहले होगी समस्या दूरः पीएचई

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तीन साल पहले बिछाई गई पाइपलाइन, 17 गांवों में पानी की समस्या

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कोरबा 03 फरवरी। लोगों को हर हाल में शुद्ध और साफ पानी देने के लिए सरकार ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजना का क्रियान्वयन हाथ में लिया है। कोरबा जिले में इसके अंतर्गत कामकाज किया गया। कई इलाके में प्राथमिक काम होने पर भी लोग सुविधा से वंचित हैं। कहीं पानी नहीं पहुंच रहा है तो कहीं तकनीकी अड़चने आड़े आ रही है। पीएचई ने कहा है कि गर्मी से पहले समस्याओं को दूर करेंगे।

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कोरबा जिले के काफी गांव में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत लोगों को पानी की सुविधा से लबरेज किया है। योजना के अंतर्गत जल स्त्रोत की तलाश के साथ अगले काम किए गए। पानी की शुद्धिकरण के साथ इसे लोगों के घरों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में योजना सफल रही है जबकि कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां पर नतीजे मिलने में परेशानी हुई। परला, चोटिया, धजाक समेत कई गांव में योजना क्रियान्वित की गई लेकिन अभी भी कुछ समस्याएं हैं जिसके चलते एक ही गांव में कुछ हिस्से में पानी पहुंच रहा है, कुछ बस्तियों में नहीं। पाइपों में नुकसान होने से लेकर दूसरे मसले समस्या की वजह बने हुए है।

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सूत्रों के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत करीब तीन साल पहले पाइपलाइन बिछाई गई। घर-घर नल कनेक्शन दिए गए, ग्रामीणों से आधार कार्ड, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज भी जमा कराए गए। उम्मीद थी कि अब घर बैठे पानी मिलेगा, लेकिन साल बीतते चले गए और नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी। ग्रामीण आज भी पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। वहीं गांव का पंचायत बोर भी कई दिनों से खराब पड़ा है, जिससे हालात और बदतर हो गए हैं। हैरानी की बात ये है कि महज कुछ ही दूरी पर पीएचई का प्रोजेक्ट कार्यालय संचालित है। इसके जरिए योजना पर नजर रखी जा रही है। दावा किया जा रहा है कि जहां कहीं मुसीबत है उसका बेहतर हल खोजा जाएगा। गर्मी में लोगों को परेशानी न हो यह प्राथमिकता होगी।

हाल में ही पदस्थापना हुई है। कुछ गांव में जल जीवन मिशन की उपयोगिता को लेकर हमारे पास शिकायत आई है। लगातार ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। इंटकवेल और डब्ल्यूटीपी की स्टडी के साथ अन्य चीजों को देखा जा रहा है। निश्चित रूप से लोगों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े, इस दिशा में प्रयत्न होगा।
-एसएस पैकरा, ईई, पीएचई प्रोजेक्ट डिविजन

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प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

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