जमीन दलालों का ‘खेला’ : व्यापारी को फंसाने की साजिश, पार्षद के कंधे पर रखी बंदूक — निशाने पर सोनू जैन !

कोरबा।
नगर पालिक निगम कोरबा के दादरखुर्द क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की आड़ में अब एक नया ‘खेला’ शुरू हो गया है। यह खेल जमीन दलालों और उनके कथित राजनीतिक संरक्षकों का बताया जा रहा है, जिन्होंने एक व्यापारी को साजिश के तहत फंसाने का पूरा जाल बुन लिया है।
मामले में चर्चित नाम आए हैं — सोनू जैन, जिनका नाम एक सरकारी भूमि विवाद में घसीटकर “अवैध कब्जा” जैसी गम्भीर धारा लगाई गई है। लेकिन पड़ताल में सामने आया है कि सोनू जैन का उक्त भूमि (खसरा नंबर 1125, वार्ड क्रमांक 34 दादरखुर्द) से कभी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं रहा।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कुछ जमीन दलाल, जो पहले से ही विवादित कब्जों और सौदों में लिप्त रहे हैं, अब “छवि खराब कर वसूली” के मकसद से व्यापारी को टारगेट कर रहे हैं।
इन दलालों ने राजनीतिक रसूख दिखाने के लिए पार्षद के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साधने की रणनीति अपनाई है।
जानकारी के अनुसार, व्यापारी सोनू जैन के खिलाफ मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र में एक झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि शिकायत में तथ्यों का कोई ठोस आधार नहीं है।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यह पूरा मामला दबाव बनाकर आर्थिक वसूली की तैयारी जैसा प्रतीत हो रहा है। कुछ लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग भी की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन लोग इस “जमीन कारोबार” के पीछे असली खिलाड़ी हैं।
संबंधित थाने से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि “शिकायत आई है, लेकिन अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अगला कदम तय होगा।”
फिलहाल इलाके में चर्चा तेज है कि —
“जमीन दलालों ने सरकारी भूमि विवाद को बहाना बना, अब निर्दोष व्यापारी की साख पर वार करने का नया तरीका निकाला है।”
जांच पूरी होते ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सच में दोषी है और कौन साजिश का शिकार।
लेकिन इस बीच यह मामला कोरबा की राजनीति, रियल एस्टेट लॉबी और प्रशासन के गठजोड़ की एक और तस्वीर उजागर करता है।

