15 साल की उम्र में घर छोड़ शादी की, 60 साल बाद लौटा परिवार और लूट ली जिंदगी भर की कमाई”

80 वर्षीय महिला से जालसाज़ी – भाई-भतीजे ने छीना सबकुछ

बिलासपुर /बेलगहना। 80 साल की बालकुंवर बिनकर की जिंदगी किसी उपन्यास से कम नहीं। किशोरावस्था में परिवार से बगावत कर मनपसंद शादी करने वाली यह महिला, बुढ़ापे में अपनों के ही छलावे का शिकार हो गई। अपने पति और बेटों के सहारे जिंदगी काटने वाली इस महिला को अब बुढ़ापे में अपनों ने ही ठग लिया। करीब 23 लाख रुपये, दो कृषि भूमि और तीन गाड़ियां—all कुछ एक सुनियोजित साजिश में उसके हाथ से निकल गया।

15 साल की उम्र में लिया साहसी फैसला
बालकुंवर ने जब महज 15 साल की थी, उसी समय उसने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर गंगाराम से शादी कर ली। इस फैसले से उसका अपने पिता और परिवार से लगभग नाता टूट गया। पति के सहारे उसने गृहस्थी संभाली और दो बेटे हुए। लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। पहले पति का देहांत हो गया, फिर बड़ा बेटा भी दुनिया छोड़ गया। सहारा बचा केवल छोटा बेटा नानू बुनकर, जिसकी लंबी बीमारी ने मां-बेटे दोनों को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ डाला।

बीमारी के बहाने बने मददगार
नानू की बीमारी के दौरान अचानक बालकुंवर का भाई और उसका बेटा फागुन सिंह उर्फ़ मोनू केंदा निवासी घर आने-जाने लगे। भतीजा खुद को ड्राइवर बताकर महिला और उसके बीमार बेटे को अस्पताल ले जाता। इस दौरान महिला का विश्वास उस पर गहराता चला गया। अनपढ़ और अकेली महिला ने भतीजे को ही अपना सहारा मान लिया।

23 लाख रुपये हड़प लिए
नानू की मौत के बाद बालकुंवर पूरी तरह अकेली हो गई। इसी मौके का फायदा उठाकर भतीजा उसे बैंक ले गया। उसने कहा— “नानू भैया का पैसा आपके खाते में ट्रांसफर करना है।” महिला अशिक्षित थी, उसने बिना समझे बैंक दस्तावेजों पर अंगूठा लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि 14 दिसंबर 2021 को उसके खाते से 23 लाख रुपये सीधे फागुन सिंह के खाते में ट्रांसफर हो गए।

जमीन और गाड़ियां भी कब्जा लीं
पैसे की ठगी के बाद भी भतीजे का लालच खत्म नहीं हुआ। उसने महिला को यह कहकर कोटा रजिस्ट्री ऑफिस ले जाया कि “नानू भैया की जमीन आपके नाम करनी है।” लेकिन वहां जाकर उसने महिला की दो कृषि भूमि (खसरा नंबर 991/2 और 763) अपने नाम करा लीं।
इतना ही नहीं, महिला की तीन गाड़ियां—पिकअप, छोटा हाथी और स्कूटी—भी अंगूठा लगवाकर अपने नाम कर लीं।

तीन साल बाद टूटा सच
करीब तीन साल तक महिला को इस धोखे की भनक तक नहीं लगी। इलाज और खर्च के लिए जब वह बैंक पहुंची तो पता चला कि उसके खाते में एक भी पैसा नहीं है। बैंककर्मी ने साफ बताया कि 14 दिसंबर 2021 को ही 23 लाख रुपये उसके खाते से फागुन सिंह के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं।

अपनों से मिला धोखा
धोखाधड़ी का सच सामने आते ही बालकुंवर ने अपनी बेटी और नाती को सारी बात बताई। वे साथ लेकर फागुन सिंह के घर पहुंचे और सवाल किया। लेकिन वहां फागुन ने बेहिचक जवाब दिया—
“पैसा, जमीन और गाड़ियां सब मेरे नाम हैं। तू कुछ नहीं कर सकती। मैं वकील हूं, जहां जाना है जा।”

अब न्याय की गुहार
अपनों के धोखे से टूटी बुजुर्ग महिला ने अब बेलगहना चौकी, SDOP कोटा और SP बिलासपुर को लिखित शिकायत की है

बुजुर्ग महिला का कहना है कि—
“मेरे भाई के पास बंटवारे में सिर्फ 2 एकड़ जमीन थी। आखिर कहां से इतना पैसा आया कि मेरी करोड़ों की जमीन और गाड़ियां खरीद लीं? यह सब धोखाधड़ी है।”

पुलिस की अगली कार्रवाई पर निगाह
फिलहाल मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है। बुजुर्ग महिला की शिकायत पर जांच शुरू की गई है। ग्रामीणों और रिश्तेदारों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहा है और दबाव बनाकर महिला को चुप कराने की कोशिश कर रहा है।

अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस असहाय 80 वर्षीय महिला को न्याय दिला पाती है या नहीं।

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(आगे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई, “पार्ट-2” में…)

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