(सैकड़ों वर्षों से मनाई जा रही है ये उत्सव)
रतनपुर-;धार्मिक पौराणिक नगरी महामाया धाम में वर्षों से मनाई जा रही आषाढ़ी महोत्सव का आगाज मंगलवार से हो गया है, सवंत 1725 यानी 352 सालो से चली आ रही भगवान पंढरीनाथ का सप्त दिवसीय आषाढी महोत्सव इस वर्ष धूमधाम मनाया जा रहा है,
नगर के ह्रदय स्थल बड़ी बाजार में स्थित पंढरीनाथ मन्दिर में आषाढ़ी महोत्सव सोलह जुलाई से प्रारम्भ हो गया है,भगवान पंढरीनाथ के प्रबंधक पुजारी पंडित आनंद नगरकर एवं वर्तमान पीढ़ी मे नारद बनने वाले पं. अनिरुद्ध नगरकर ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान पंढरीनाथ का उत्सव वर्ष में दो बार शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा एवं आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवम् से गुरु पूर्णिमा तक बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है,जिसमे नगर के सैकड़ो नरनारी उत्सव में शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन के गवाह बनते है, प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल नवम को मंदिर के वरिष्ठ प्रबंधक एवं मार्गदर्शक पं.प्रभाकर पुण्डलिक राव नगरकर नारद जी की वेशभूषा धारण कर नगर भ्रमण के लिए निकलते थे इस परंपरा को सवंत 1725 मे काशीकर महराज ने प्रारंभ की थी जिसे आज भी मंदिर परिवार द्वारा बखूबी तरीके से निभाया जा रहा है,मंगलवार
सोलह जुलाई प्रथम दिवस को घट स्थापना ,
पंचपदी के साथ ही यह उत्सव प्रारम्भ हो गया है,बुधवार को दिंडी यात्रा, गुरुवार से शनिवार तक कीर्तन रत्न इंदौर वाले का भजन कीर्तन,प्रतिदिन शाम छह बजे से,सोमवार को गोपाल काला,तथा पच्चीस जुलाई को काढ़ा प्रसाद के साथ महोत्सव का समापन हो जाएगा,
आज निकलेगा दिंडी यात्रा
आज बुधवार को आषाढी एकादशी के दिन नगर में
निकलने वाला नगर संकीर्तन “”दिंडी यात्रा”‘ बड़े ही धूमधाम के साथ निकाला जाएगा, जो बड़ी बाजार से होते हुए नगर भ्रमण उपरांत पुनः पंढरीनाथ मन्दिर पहुचेगी,जिसकी तैयारी मन्दिर प्रबंधन सहित गणमान्य नागरिकों द्वारा की जा रही है,

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