महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: पुरुष के नाम पर मंजूर हुआ आवेदन, 12 महीने तक मिलती रही राशि

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिले के ग्राम मुढ़ीपार में एक पुरुष के नाम पर योजना का आवेदन मंजूर हो गया। हैरानी की बात यह रही कि आवेदन फॉर्म में हितग्राही और पति, दोनों की जगह एक ही व्यक्ति का नाम दर्ज था, इसके बावजूद आवेदन स्वीकृत हो गया और करीब एक साल तक उसके खाते में योजना की राशि जमा होती रही।

मामले का खुलासा एक आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत के बाद हुआ। जांच में सामने आया कि मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू, जो एक सीएससी सेंटर संचालित करता है, ने महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन किया था। ऑनलाइन आवेदन में उसने हितग्राही और पति दोनों कॉलम में अपना ही नाम दर्ज किया था।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

जांच में खुली बड़ी चूक

योजना के नियमों के अनुसार महतारी वंदन योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को दिया जाता है। इसके बावजूद आवेदन पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और फिर सुपरवाइजर स्तर पर सत्यापित कर दिया गया। सामान्य जांच के दौरान भी यह नहीं देखा गया कि आवेदनकर्ता पुरुष है और पति के नाम की जगह भी उसी का नाम दर्ज है।

RTI शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

हितग्राहियों की सूची की जांच के दौरान एक आरटीआई कार्यकर्ता को तिलोक साहू का नाम संदिग्ध लगा। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें पुष्टि हुई कि संबंधित खाते में 12 महीने तक योजना की राशि जमा की गई थी।

  CG News:– छत्तीसगढ़ में   फिर पैर पसार रहा कोरोना, यहां मिला संक्रमित मरीज, नही मिली कोई ट्रैवल हिस्ट्री,

राशि की रिकवरी शुरू

मामला सामने आने के बाद एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना ने 3 जुलाई 2026 को बैंक को पत्र लिखकर 10 हजार रुपये शासन के खाते में वापस जमा कराने के निर्देश दिए। हालांकि रिकॉर्ड में 12 माह तक भुगतान का उल्लेख है, जबकि रिकवरी 10 हजार रुपये की किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

आवेदन किया गया परमानेंट होल्ड

विवाद सामने आने के बाद संबंधित आवेदन को परमानेंट होल्ड पर डाल दिया गया है। साथ ही योजना का लाभ छोड़ने (Benefit Surrender) का अनुरोध भी स्वीकार कर लिया गया है।

अधिकारी ने क्या कहा?

परियोजना अधिकारी रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित हितग्राही से योजना की राशि वापस ले ली गई है। मामले की जांच जारी है और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद अन्य तथ्यों की भी जानकारी दी जाएगी।

वहीं, तिलोक साहू का कहना है कि योजना शुरू होने के समय उसने पोर्टल की प्रक्रिया को समझने और जांचने के उद्देश्य से आवेदन किया था। अब इस मामले ने आवेदन सत्यापन प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि's avatar
About प्रखर भूमि 737 Articles
प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।