CG:– रेत चोरी को लेकर गांव में बवाल, सीमांकन के दौरान दो पक्षों में मारपीट, महिलाएं भी घायल, चौकी पहुंचे दोनों पक्ष

CG:– रेत चोरी को लेकर गांव में बवाल, सीमांकन के दौरान दो पक्षों में मारपीट, महिलाएं भी घायल, चौकी पहुंचे दोनों पक्ष

बेलगहना चौकी क्षेत्र के सोढ़ाखुर्द गांव में अवैध रेत उत्खनन और सरकारी जमीन से वाहनों की निकासी को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद शुक्रवार को हिंसक हो गया। पटवारी द्वारा जमीन के सीमांकन की कार्रवाई के दौरान दो पक्षों के बीच जमकर विवाद और मारपीट हो गई। इस घटना में महिलाओं सहित कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद दोनों पक्ष चौकी पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

Bilaspur बिलासपुर। कोटा ब्लॉक के सोढ़ाखुर्द गांव में सरकारी भूमि और रेत घाट से वाहनों की आवाजाही को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। गांव निवासी परमेश सिंह मरकाम ने पुलिस को बताया कि उन्हें शासकीय भूमि पर वन भूमि पट्टा प्राप्त है और वे कई वर्षों से उक्त भूमि पर काबिज होकर खेती कर रहे हैं। इसी जमीन को लेकर गांव के ही मनोहर राज से पिछले करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा है।

परमेश सिंह मरकाम के अनुसार, वर्ष 2024 में उन्होंने भूमि के कब्जे को लेकर तहसील न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। जांच के दौरान मनोहर राज के नाम कोई वैध पट्टा नहीं पाए जाने पर प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया था। इसके बावजूद मनोहर राज द्वारा लगातार उक्त भूमि पर आपत्ति जताई जाती रही।

शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे पटवारी द्वारा जमीन का सीमांकन किया जा रहा था। इसी दौरान मनोहर राज, उसका भांजा संजय प्रताप, मिल कुमारी और बिलासपुर निवासी हरिओम शर्मा मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज शुरू हुई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में संतोष सोनी, उनके बड़े भाई रघुवीर सिंह, पुत्र कमलेश कुमार, बहू सरस्वती और अनिकेत सिंह को हाथ, सिर, कंधे और पैरों में चोटें आई हैं। मारपीट के दौरान जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

वहीं दूसरे पक्ष की ओर से मनोहर राज ने पुलिस को बताया कि सरकारी जमीन उनके कब्जे में है और सीमांकन के दौरान परमेश सिंह मरकाम, संतोष सोनी, रमेश गोंड और अनिकेत सिंह ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस घटना में उनकी पत्नी चंदा देवी और भतीजी मिल कुमारी को गंभीर चोटें आई हैं। भतीजी के सिर और आंख के ऊपर गहरी चोट लगने से खून बहने लगा, जिसके बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

इधर ग्रामीणों का आरोप है कि कोटा क्षेत्र के कई गांवों में बिना अनुमति बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। राजस्व, वन और खनिज विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से रेत चोरों के हौसले बुलंद हैं। शिकायतों के बावजूद अधिकारियों की कथित सांठगांठ के चलते अवैध रेत उत्खनन लगातार जारी है।

बताया जा रहा है कि बीते वर्ष भी रेत चोरी से जुड़े विवाद के दौरान कोटा क्षेत्र में गोली चलने की घटना सामने आई थी। हालांकि बाद में जांच में यह स्पष्ट हुआ कि गोली पुलिस की गलती से चली थी। इसके बावजूद अवैध रेत उत्खनन को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को चौकी लाकर पूछताछ की। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं कोटा क्षेत्र के कई गांवों में रेत घाट बंद कर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। लाठी के दम पर रेत निकासी की शिकायत के बाद खनिज और राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए कई वाहनों और मशीनों को सील किया है।

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